ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार भारतीय अधिकारी पहुंचे पाकिस्तान, SCO बैठक में हुए शामिल

नई दिल्ली/इस्लामाबाद । भारत और पाकिस्तान के बीच तनावपूर्ण संबंधों के बीच ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली बार एक वरिष्ठ भारतीय अधिकारी पाकिस्तान पहुंचे हैं। भारतीय विदेश सेवा के अधिकारी आलोक डिमरी ने इस्लामाबाद में आयोजित शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में हिस्सा लिया।

यह बैठक 28 से 30 सितंबर 2026 तक इस्लामाबाद में आयोजित हुई। पाकिस्तान ने बिश्केक में आयोजित SCO शिखर बैठक के बाद संगठन की अध्यक्षता संभाली है। इसी के तहत पाकिस्तान में SCO से जुड़ी विभिन्न बैठकें आयोजित की जा रही हैं।

SCO की बैठक में भारत की भागीदारी

भारत SCO का सदस्य देश है। इसी के चलते राष्ट्रीय समन्वयकों की बैठक में भारत की ओर से आलोक डिमरी ने हिस्सा लिया। डिमरी विदेश मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव हैं और SCO से जुड़े मामलों की जिम्मेदारी भी संभालते हैं। इससे पहले वह किर्गिस्तान में भारत के राजदूत रह चुके हैं। उन्होंने G20 और BRICS से जुड़े महत्वपूर्ण पदों पर भी काम किया है।

बैठक में SCO के सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने संगठन की आगामी गतिविधियों, बैठकों और कार्यक्रमों को लेकर चर्चा की। पाकिस्तान की अध्यक्षता के दौरान होने वाले विभिन्न आयोजनों की तैयारियों पर भी विचार-विमर्श किया गया।

ऑपरेशन सिंदूर के बाद पहली आधिकारिक यात्रा

अप्रैल 2025 में पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के रिश्तों में तनाव बढ़ गया था। इसके बाद मई 2025 में भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत क्षेत्र में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया था।

ऐसे समय में भारतीय अधिकारी का पाकिस्तान पहुंचना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, यह यात्रा दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय बातचीत के लिए नहीं, बल्कि SCO के बहुपक्षीय कार्यक्रम में भारत की आधिकारिक भागीदारी के तहत हुई है।

2027 में पाकिस्तान में SCO शिखर बैठक

SCO का अगला बड़ा आयोजन 2027 में पाकिस्तान में प्रस्तावित है। संगठन के सदस्य देशों के राष्ट्राध्यक्षों की बैठक में आमतौर पर प्रधानमंत्री या राष्ट्रपति स्तर के प्रतिनिधि शामिल होते हैं। ऐसे में भविष्य में भारत की ओर से उच्चस्तरीय भागीदारी होगी या नहीं, इसका निर्णय बाद में किया जाएगा।

फिलहाल इस भारतीय अधिकारी की पाकिस्तान यात्रा को SCO के निर्धारित कार्यक्रम में भारत की भागीदारी के तौर पर देखा जा रहा है।

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