SIR में नाम कटने के बाद पति की नागरिकता का मामला हाईकोर्ट पहुंचा, कोर्ट ने मांगा भारतीय होने का सबूत

कोलकाता । पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर सामने आए एक मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को भारतीय नागरिकता से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा है। मुर्शिदाबाद की नरगिस बीबी ने अपने पति सेलिम शेख को हिरासत में रखे जाने और संभावित निर्वासन के खिलाफ अदालत का रुख किया था।

मामले की सुनवाई 1 अक्टूबर को न्यायमूर्ति कृष्णा राव की एकल पीठ में हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने नागरिकता से जुड़े दस्तावेजों को महत्वपूर्ण माना और याचिकाकर्ता के पक्ष से वर्ष 2002 की मतदाता सूची में सेलिम शेख का नाम दर्ज होने का प्रमाण प्रस्तुत करने को कहा।

31 अगस्त से हिरासत में हैं सेलिम शेख

याचिका में नरगिस बीबी की ओर से दावा किया गया कि उनके पति सेलिम शेख को 31 अगस्त से डिटेंशन कैंप में रखा गया है। उनके वकील ने हिरासत को चुनौती देते हुए कहा कि सेलिम को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर नहीं दिया गया।

वहीं, पुलिस की ओर से अदालत में कहा गया कि 31 अगस्त को की गई कार्रवाई के दौरान मिले दस्तावेजों के आधार पर सेलिम शेख की पहचान कथित तौर पर बांग्लादेशी नागरिक के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, उन्हें अवैध प्रवासियों की पहचान, हिरासत और निर्वासन से संबंधित केंद्र सरकार की मई 2026 की अधिसूचना के तहत हिरासत में लिया गया है।

अदालत ने पूछा- भारतीय नागरिकता का दस्तावेज कहां है?

सुनवाई के दौरान अदालत ने नागरिकता के दावे के समर्थन में दस्तावेज पेश करने पर जोर दिया। न्यायमूर्ति कृष्णा राव ने कहा कि यदि कोई व्यक्ति भारतीय नागरिक होने का दावा करता है, तो उसे संबंधित दस्तावेज के जरिए अपना दावा साबित करना होगा।

अदालत ने विशेष रूप से वर्ष 2002 की मतदाता सूची में सेलिम शेख का नाम दर्ज होने से संबंधित दस्तावेज पेश करने को कहा। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि मामले में संबंधित अधिकारियों की ओर से जांच की जा रही है।

SIR के बाद मतदाता सूची से नाम गायब

मामले में बताया गया कि नरगिस बीबी का नाम वर्ष 2002 और 2026 की मतदाता सूची में दर्ज था। वहीं, SIR के बाद तैयार संशोधित सूची में उनके पति सेलिम शेख का नाम नहीं होने की बात सामने आई।

याचिकाकर्ता के पक्ष का कहना है कि सेलिम की हिरासत को कानूनी आधार पर चुनौती दी गई है। दूसरी ओर, पुलिस ने उनके नागरिकता संबंधी दस्तावेजों पर सवाल उठाते हुए जांच का हवाला दिया है।

नागरिकता के दावे पर जांच जारी

अदालत ने उपलब्ध तथ्यों और दस्तावेजों के आधार पर याचिका खारिज कर दी। हालांकि, मामले में सेलिम शेख की नागरिकता को लेकर अंतिम स्थिति जांच और संबंधित कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।

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