ईरान का अमेरिका को बड़ा प्रस्ताव 7 दिन में खोल देगा होर्मुज स्ट्रेट; इन शर्तों पर टिका फैसला

नई दिल्ली  । पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज स्ट्रेट को सात दिनों के भीतर दोबारा खोलने का प्रस्ताव रखा है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने संयुक्त राष्ट्र मुख्यालय में कहा कि यह प्रस्ताव कतर के माध्यम से अमेरिका तक पहुंचाया गया है। उनके मुताबिक, जरूरी शर्तें पूरी होने पर सामान्य समुद्री आवाजाही सात दिनों के भीतर बहाल की जा सकती है।

कतर के जरिए अमेरिका तक पहुंचाया गया प्रस्ताव

अराघची के मुताबिक, ईरान ने अमेरिका को एक ठोस सात-दिवसीय योजना दी है। उन्होंने कहा कि इस योजना पर अमेरिका की सहमति के बाद ही सात दिनों की समय-सीमा शुरू होगी।

ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि प्रस्ताव के तहत शुरुआती कदमों में चार से पांच दिन लग सकते हैं। इसके बाद छठे दिन होर्मुज स्ट्रेट को खोलने और सातवें दिन अमेरिका के साथ अंतिम समझौते को लेकर बातचीत शुरू करने की योजना है।

ईरान की प्रमुख शर्तें क्या हैं?

रिपोर्टों के मुताबिक, ईरान की मांगों में क्षेत्र में सैन्य गतिविधियों को रोकना, ईरानी बंदरगाहों पर अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी हटाना और ईरानी तेल पर प्रतिबंधों में राहत देना शामिल है। इसके अलावा ईरान के जमे हुए धन और संपत्तियों को जारी करने का मुद्दा भी प्रस्ताव से जुड़ा बताया जा रहा है।

अराघची ने कहा कि ईरान दबाव, धमकी या जबरदस्ती को स्वीकार नहीं करेगा। उनका कहना था कि अगर अमेरिका वास्तव में समझौते और होर्मुज को दोबारा खोलने को लेकर गंभीर है, तो ईरान की ओर से आवश्यक तैयारियां मौजूद हैं।

होर्मुज स्ट्रेट क्यों है इतना अहम?

होर्मुज स्ट्रेट दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण ऊर्जा और समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है। युद्ध से पहले दुनिया के करीब पांचवें हिस्से के तेल और LNG व्यापार का आवागमन इस जलमार्ग से होता था। मौजूदा संघर्ष के कारण यहां जहाजों की आवाजाही में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

इस वजह से होर्मुज में किसी भी लंबे व्यवधान का असर अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा बाजार, शिपिंग और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

पहले भी टूट चुका है समझौता

ईरान और अमेरिका के बीच जून में भी एक समझौते का ढांचा तैयार हुआ था, जिसका उद्देश्य युद्धविराम, होर्मुज को दोबारा खोलने और परमाणु मुद्दे पर बातचीत आगे बढ़ाना था। हालांकि, इसके बाद सैन्य कार्रवाई दोबारा शुरू होने से वह व्यवस्था आगे नहीं बढ़ सकी।

अब ईरान ने उसी कूटनीतिक प्रक्रिया को नए सात-दिवसीय प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ाने की कोशिश की है।

अमेरिका की प्रतिक्रिया पर टिकी नजर

ईरान के प्रस्ताव के बाद अब अंतरराष्ट्रीय निगाहें वॉशिंगटन की प्रतिक्रिया पर हैं। रिपोर्टों के मुताबिक, अमेरिकी अधिकारियों और मध्यस्थ देशों के बीच बातचीत जारी है, जबकि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ समझौते को लेकर सख्त रुख रखा है।

इस प्रस्ताव के स्वीकार होने की स्थिति में होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री आवाजाही बहाल करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। हालांकि, फिलहाल प्रस्ताव की अंतिम शर्तों और अमेरिका की औपचारिक स्वीकृति को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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