नई दिल्ली | दिल्ली प्रीमियर लीग (DPL) के दौरान दिल्ली के युवा विकेटकीपर-बल्लेबाज और चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) के पूर्व खिलाड़ी वंश बेदी को कथित तौर पर मैच फिक्सिंग का ऑफर मिलने का मामला सामने आया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 23 वर्षीय वंश बेदी ने बिना देर किए इस भ्रष्ट पेशकश की जानकारी लीग की भ्रष्टाचार रोधी इकाई (ACU) को दे दी है।
मुख्य बिंदु:
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वंश बेदी का परिचय: 23 साल के वंश बेदी 2026 में आयोजित DPL में सेंट्रल दिल्ली टीम की ओर से खेले थे। इसके अलावा, वह साल 2025 में आईपीएल (IPL) फ्रेंचाइजी चेन्नई सुपर किंग्स (CSK) का भी हिस्सा रह चुके हैं, हालांकि चोटिल होने के कारण उनकी जगह उर्विल पटेल को टीम में शामिल किया गया था। उन्होंने सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी में दिल्ली के लिए एक टी20 मैच भी खेला है।
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तुरंत की गई शिकायत: एक सट्टेबाज द्वारा संपर्क किए जाने पर वंश बेदी ने सतर्कता दिखाते हुए तुरंत इसकी शिकायत भ्रष्टाचार रोधी इकाई (ACU) से की। दिल्ली एवं जिला क्रिकेट संघ (DDCA) ने भी इस मामले की सूचना भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) को दे दी है और उससे सलाह मांगी है।
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DDCA का बयान: DDCA के वरिष्ठ अधिवक्ता और शीर्ष परिषद के सदस्य श्याम शर्मा ने कहा है कि युवा खिलाड़ियों को गलत रास्ते पर धकेलने या भ्रष्ट करने की कोशिश करने वाले लोगों के खिलाफ दोष साबित होने पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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DDCA की आधिकारिक प्रतिक्रिया: हालांकि DDCA ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जारी अपने बयान में किसी का नाम सीधे तौर पर नहीं लिया है, लेकिन संघ ने DPL से जुड़े कुछ खिलाड़ियों और एक फ्रेंचाइजी को लेकर सामने आई कथित अनियमितताओं का संज्ञान लेने की बात कही है। साथ ही, इन आरोपों को फिलहाल अपुष्ट और बिना किसी सक्षम प्राधिकारी द्वारा प्रमाणित बताया गया है।
सजगता की मिसाल: युवा क्रिकेटर वंश बेदी द्वारा फिक्सिंग के ऑफर की जानकारी तुरंत एंटी-करप्शन यूनिट को देना खेल जगत में पारदर्शिता और ईमानदारी बनाए रखने की दिशा में एक बेहद सराहनीय कदम माना जा रहा है।