रेजीनगर से TMC उम्मीदवार रबीउल आलम का यू-टर्न नामांकन वापस लेने के कुछ घंटे बाद फिर चुनाव लड़ने का किया ऐलान

कोलकाता | पश्चिम बंगाल विधानसभा उपचुनाव को लेकर सियासी गलियारों में हाई-वोल्टेज ड्रामा लगातार जारी है। ममता बनर्जी के गुट के लिए यह उपचुनाव राजनीतिक अस्तित्व की बड़ी लड़ाई बनता जा रहा है। हाल ही में रेजीनगर विधानसभा सीट से ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस (TMC) के उम्मीदवार रबीउल आलम चौधरी ने पहले अपना नामांकन वापस लेने की घोषणा की थी, लेकिन कुछ ही घंटों बाद उन्होंने अपने फैसले बदलते हुए दोबारा चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है।

सुरक्षा चिंताओं और कानूनी लड़ाई का दिया था हवाला

शुक्रवार (19 सितंबर) को ही रबीउल आलम ने अपना नाम वापस लेने का ऐलान किया था। उन्होंने इसके पीछे मुख्य वजह TMC के नाम और नए चुनाव चिह्न को लेकर चल रही कानूनी खींचतान के साथ-साथ कार्यकर्ताओं की सुरक्षा को बताया था।

रबीउल ने आरोप लगाया था कि उनके कार्यकर्ताओं को लगातार डराया-धमकाया और गिरफ्तार किया जा रहा है, जिससे उन्हें चुनाव मैदान से हटने का फैसला लेना पड़ा था। उन्होंने यह भी कहा था कि इस संबंध में उन्होंने ममता बनर्जी से बातचीत की थी, जिन्होंने उन्हें परिस्थितियों के अनुसार निर्णय लेने को कहा था।

पुलिस थाने के दौरे के बाद बदला फैसला

हालांकि, शनिवार (19 सितंबर) को स्थानीय बेलडांगा पुलिस स्टेशन का दौरा करने और सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा के बाद रबीउल आलम के सुर बदल गए। पत्रकारों से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि वह अपने फैसले पर फिर से विचार कर रहे हैं और अब रेजीनगर से उपचुनाव लड़ेंगे।

नंदीग्राम में भी TMC को लगा था झटका

उल्लेखनीय है कि इससे ठीक एक दिन पहले (18 सितंबर) नंदीग्राम विधानसभा सीट से TMC उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने भी अपना नामांकन वापस ले लिया था, जिन्होंने नाम वापसी से पहले मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी से मुलाकात की थी। नंदीग्राम और रेजीनगर दोनों ही सीटों पर आगामी 6 अक्टूबर को उपचुनाव होना है। चुनाव आयोग ने ममता बनर्जी के गुट को ‘ममता ऑल इंडिया तृणमूल कांग्रेस’ नाम आवंटित किया है, जबकि दूसरे धड़े को ‘डेमोक्रेटिक तृणमूल कांग्रेस’ नाम दिया गया है।

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