चेन्नई | तमिलनाडु की राजनीति में मुख्यमंत्री एमके स्टालिन की MISA गिरफ्तारी को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। विधानसभा में MISA को लेकर की गई टिप्पणी और स्टालिन के जेल में बिताए दिनों पर सियासी बयानबाजी के बीच अब DMK सांसद ए राजा ने मंत्री पर निजी हमला बोला है।
विवाद की शुरुआत उस राजनीतिक बयानबाजी से हुई जिसमें स्टालिन की इमरजेंसी के दौरान MISA के तहत गिरफ्तारी और जेल में उनके साथ कथित मारपीट का मुद्दा उठाया गया। हालिया विधानसभा विवाद के बाद स्टालिन ने भी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जेल में उनके साथ गंभीर मारपीट हुई थी और उनकी चोटों का जिक्र किया।
MISA को लेकर क्यों मचा है विवाद?
MISA यानी Maintenance of Internal Security Act का इस्तेमाल इमरजेंसी के दौरान राजनीतिक विरोधियों को हिरासत में लेने के लिए बड़े पैमाने पर किया गया था। एमके स्टालिन भी उन नेताओं में शामिल थे जिन्हें उस दौर में MISA के तहत गिरफ्तार किया गया था।
स्टालिन ने हालिया विवाद के बीच अपने जेल के अनुभव को याद करते हुए कहा कि उन्हें हिरासत के दौरान गंभीर शारीरिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी थी। इस मुद्दे ने तमिलनाडु की राजनीति में पुरानी घटनाओं को फिर से चर्चा के केंद्र में ला दिया है।
ए राजा ने साधा निशाना
अब इस विवाद में DMK सांसद ए राजा के बयान ने राजनीतिक तापमान और बढ़ा दिया है। उन्होंने मंत्री पर निजी टिप्पणी करते हुए MISA के मुद्दे को लेकर विपक्ष के आरोपों और दावों पर सवाल उठाए।
DMK का कहना है कि स्टालिन की MISA गिरफ्तारी और उस दौरान उनके साथ हुए व्यवहार को राजनीतिक मजाक या व्यक्तिगत हमले का विषय बनाना गलत है। दूसरी ओर, विरोधी दल इस पूरे मामले को लेकर DMK पर सवाल उठा रहे हैं।
विधानसभा में भी गरमा चुका है मामला
MISA विवाद हाल में तमिलनाडु विधानसभा तक पहुंच गया था। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय की ओर से स्टालिन के MISA रिकॉर्ड को लेकर की गई टिप्पणी और इशारे पर भी विवाद हुआ। इसके जवाब में स्टालिन ने इसे राजनीतिक रूप से प्रेरित आरोप बताते हुए अपनी गिरफ्तारी और जेल में हुई मारपीट का जिक्र किया।
फिलहाल MISA का मुद्दा तमिलनाडु की सियासत में इतिहास बनाम वर्तमान राजनीति की बहस में बदल गया है। स्टालिन की गिरफ्तारी को लेकर सामने आ रहे बयानों के बीच DMK और उसके विरोधियों के बीच टकराव और बढ़ने के आसार हैं।