सेवा संकल्प और पोषण अभियान की मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने की समीक्षा, जनभागीदारी बढ़ाने के दिए निर्देश

रायपुर । महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने शुक्रवार को खैरागढ़ स्थित कलेक्ट्रेट सभाकक्ष से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से प्रदेश के सभी जिलों के जिला कार्यक्रम अधिकारियों के साथ विभागीय बैठक की। बैठक में सेवा संकल्प अभियान और 9वें राष्ट्रीय पोषण माह के तहत प्रदेशभर में चल रही गतिविधियों की समीक्षा की गई।

बैठक में महिला एवं बाल विकास विभाग की प्रमुख सचिव शहला निगार और संचालक डॉ. रेणुका श्रीवास्तव सहित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे। मंत्री राजवाड़े ने दोनों अभियानों को जनभागीदारी से जोड़ते हुए इनके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

सेवा भावना को जन-जन तक पहुंचाने पर जोर

मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि सेवा संकल्प अभियान का उद्देश्य जनसेवा की भावना को मजबूत करना और समाज के प्रत्येक वर्ग को सेवा एवं विकास गतिविधियों से जोड़ना है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अभियान के माध्यम से अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए और सेवा की भावना को गांव-गांव तक पहुंचाया जाए।

उन्होंने कहा कि सरकारी योजनाओं की सफलता तभी व्यापक रूप से दिखाई देती है, जब आम नागरिक भी उनसे जुड़कर अपनी जिम्मेदारी निभाते हैं। इसलिए अभियान की गतिविधियों में स्थानीय समुदाय और जनप्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ पर विशेष फोकस

राष्ट्रीय पोषण माह के तहत मंत्री ने ‘हमारी आंगनबाड़ी, हमारी जिम्मेदारी’ की भावना के अनुरूप आंगनबाड़ी केंद्रों को पोषण, स्वास्थ्य, देखभाल और प्रारंभिक बाल विकास की गतिविधियों का प्रभावी केंद्र बनाने पर जोर दिया।

उन्होंने बच्चों, माताओं और महिलाओं के पोषण स्तर में सुधार के लिए आहार विविधता, पर्याप्त प्रोटीन, संतुलित भोजन और स्थानीय पोषण स्रोतों के उपयोग को बढ़ावा देने के निर्देश दिए।

मंत्री ने कहा कि पोषण केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि परिवार और समुदाय से जुड़ा विषय है। इसके लिए लोगों में जागरूकता बढ़ाने के साथ स्थानीय स्तर पर उपलब्ध पौष्टिक खाद्य पदार्थों के उपयोग को प्रोत्साहित करना जरूरी है।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और समुदाय की भागीदारी जरूरी

लक्ष्मी राजवाड़े ने कहा कि पोषण संबंधी अभियानों की सफलता केवल विभागीय गतिविधियों तक सीमित नहीं हो सकती। इसके लिए आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, सहायिकाओं, जनप्रतिनिधियों, स्वयंसेवी संगठनों और स्थानीय समुदाय को अभियान से सक्रिय रूप से जोड़ना आवश्यक है।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पोषण जागरूकता से जुड़ी गतिविधियों को व्यापक स्वरूप दिया जाए और इनका संदेश प्रदेश के प्रत्येक गांव और परिवार तक पहुंचाया जाए।

जिलों की प्रगति की ली जानकारी

बैठक के दौरान प्रदेश के विभिन्न जिलों में संचालित पोषण एवं जनभागीदारी से जुड़ी गतिविधियों की प्रगति की जानकारी ली गई। आगामी दिनों में आयोजित की जाने वाली गतिविधियों और उनकी कार्ययोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई।

मंत्री ने अधिकारियों को दोनों अभियानों के उद्देश्यों के अनुरूप कार्य करने तथा जमीनी स्तर पर गतिविधियों की प्रभावी निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सेवा संकल्प और पोषण जागरूकता को जनआंदोलन का रूप देकर ही इसके वास्तविक उद्देश्यों को हासिल किया जा सकता है। इसके लिए विभागीय अमले के साथ समाज के सभी वर्गों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *