नई दिल्ली | PG यानी Paying Guest में रहना छात्रों और नौकरीपेशा लोगों के लिए सुविधाजनक विकल्प माना जाता है। लेकिन कई बार PG खाली करने के बाद सिक्योरिटी डिपॉजिट वापस लेने में किरायेदारों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। कुछ मामलों में मकान मालिक या PG संचालक बिना उचित वजह बताए पूरी या कुछ रकम रोक लेते हैं।
ऐसी स्थिति में किरायेदारों के लिए अपने अधिकारों को जानना बेहद जरूरी है।
सिक्योरिटी मनी वापस करना कब जरूरी है?
सिक्योरिटी डिपॉजिट का उद्देश्य किराये, बिल या वास्तविक नुकसान जैसी वैध देनदारियों को कवर करना होता है। PG छोड़ने के बाद अगर किरायेदार की कोई बकाया देनदारी नहीं है, तो मकान मालिक या PG संचालक को शेष सिक्योरिटी राशि लौटानी चाहिए।
हालांकि, अगर किरायेदार पर किराया, बिजली, पानी या एग्रीमेंट के तहत कोई वैध बकाया है, तो निर्धारित नियमों के अनुसार उसे सिक्योरिटी मनी से समायोजित किया जा सकता है।
सिर्फ सामान्य टूट-फूट को आधार बनाकर मनमाने तरीके से पैसे काटना उचित नहीं माना जाता। किसी वास्तविक नुकसान की कटौती की स्थिति में उसका उचित हिसाब और उपलब्ध प्रमाण संभालकर रखना महत्वपूर्ण है।
Rent Agreement को हल्के में न लें
PG में रहने से पहले Rent Agreement या लिखित एग्रीमेंट की शर्तों को ध्यान से पढ़ना चाहिए। इसमें सिक्योरिटी डिपॉजिट, मासिक किराया, भुगतान की तारीख, नोटिस पीरियड और PG खाली करने के बाद सिक्योरिटी वापस करने से जुड़ी शर्तें स्पष्ट होनी चाहिए।
साथ ही गेस्ट पॉलिसी, एग्रीमेंट रिन्यूअल और किसी तरह की कटौती की शर्तों को भी पहले ही समझ लेना बेहतर है।
PG छोड़ते समय एग्रीमेंट, भुगतान की रसीद, बैंक ट्रांजैक्शन, बातचीत के स्क्रीनशॉट और कमरे की स्थिति की तस्वीरें या वीडियो सुरक्षित रखना आगे विवाद होने पर उपयोगी हो सकता है।
मकान मालिक पैसा रोक रहा है तो क्या करें?
अगर PG खाली करने के बाद भी सिक्योरिटी मनी वापस नहीं की जा रही है, तो सबसे पहले मकान मालिक या PG संचालक से लिखित रूप में रकम लौटाने की मांग करें। बातचीत के बजाय WhatsApp, ईमेल या किसी अन्य लिखित माध्यम का इस्तेमाल करने से रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है।
अगर समस्या का समाधान नहीं होता, तो परिस्थितियों के अनुसार कानूनी नोटिस भेजने या संबंधित उपभोक्ता/कानूनी मंच से मदद लेने का विकल्प मौजूद हो सकता है।
हालांकि, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि PG व्यवस्था किस कानूनी ढांचे के तहत चल रही है और आपके एग्रीमेंट में क्या शर्तें हैं।
क्या मकान मालिक सिक्योरिटी से बिल काट सकता है?
हां, अगर किरायेदार पर वैध बकाया है तो परिस्थितियों और एग्रीमेंट के मुताबिक उसका समायोजन सिक्योरिटी मनी से किया जा सकता है।
दिल्ली हाई कोर्ट के 22 मार्च 2024 के एक फैसले में भी सिक्योरिटी मनी की वापसी से जुड़े विवाद पर विचार किया गया था। मामले में किराये और बिजली-पानी जैसे बकाया की राशि को सिक्योरिटी से समायोजित करने के पहलू पर भी चर्चा हुई।
इसलिए PG छोड़ते समय सभी बिल और भुगतान का हिसाब साफ रखना जरूरी है।
रहने की सुरक्षित और बुनियादी सुविधाएं भी अधिकार का हिस्सा
किरायेदारों के लिए सिर्फ सिक्योरिटी मनी ही महत्वपूर्ण मुद्दा नहीं है। रहने की जगह में बुनियादी सुरक्षा और सुविधाएं भी जरूरी हैं।
PG संचालक को लागू स्थानीय नियमों के मुताबिक भवन की सुरक्षा, स्वच्छता, पानी, बिजली, पर्याप्त रोशनी और वेंटिलेशन जैसी बुनियादी सुविधाओं का ध्यान रखना चाहिए। विशेष रूप से आग से सुरक्षा से जुड़े नियमों का पालन बेहद महत्वपूर्ण है।
PG छोड़ते समय इन बातों का रखें ध्यान
- Rent/PG Agreement की कॉपी अपने पास रखें।
- सिक्योरिटी और किराये के भुगतान का रिकॉर्ड सुरक्षित रखें।
- PG खाली करने से पहले कमरे की फोटो और वीडियो बना लें।
- बिजली, पानी और दूसरे बिलों का हिसाब क्लियर करें।
- PG छोड़ने की सूचना लिखित रूप में दें।
- सिक्योरिटी वापसी की तारीख और राशि लिखित में तय करें।
- किसी कटौती की स्थिति में उसका कारण और हिसाब मांगें।
सबसे जरूरी बात: PG छोड़ने से पहले कागजी रिकॉर्ड और भुगतान के सबूत संभालकर रखें। अगर सिक्योरिटी मनी को बिना उचित आधार के रोका जा रहा है, तो पहले लिखित मांग करें और जरूरत पड़ने पर उपलब्ध कानूनी उपायों की मदद लें।