Pak vs Eng, Edgbaston Test | पाकिस्तान के 21 साल के तेज गेंदबाज रजाउल्लाह ने एजबेस्टन टेस्ट में इंटरनेशनल डेब्यू को यादगार बना दिया। अपने पहले ही ओवर में इंग्लैंड के कप्तान जो रूट को LBW आउट करने के बाद उन्होंने एमिलियो गे को भी पवेलियन भेज दिया। रजाउल्लाह की रफ्तार, एक्शन और गेंद की स्किड ने क्रिकेट फैंस को पाकिस्तान के दिग्गज तेज गेंदबाज वकार यूनुस की याद दिला दी।
पाकिस्तान क्रिकेट लंबे समय से अपनी तेज गेंदबाजी के लिए जाना जाता रहा है। वसीम अकरम, वकार यूनुस, इमरान खान और शोएब अख्तर जैसे गेंदबाजों ने दुनिया के बड़े-बड़े बल्लेबाजों को अपनी रफ्तार और स्विंग से परेशान किया। लेकिन पिछले कुछ वर्षों में पाकिस्तानी पेस अटैक उस स्तर का असर नहीं छोड़ पाया है। ऐसे में 21 साल के रजाउल्लाह का डेब्यू पाकिस्तान के लिए उम्मीद की नई किरण लेकर आया है।
पहले ही ओवर में जो रूट को किया आउट
एजबेस्टन टेस्ट में पाकिस्तान की टीम पहली पारी में सिर्फ 133 रन पर ढेर हो गई। इसके बाद कप्तान बाबर आजम ने 11वें ओवर में गेंद रजाउल्लाह को थमाई। सामने थे इंग्लैंड के कप्तान और दुनिया के सबसे अनुभवी बल्लेबाजों में शामिल जो रूट।
रजाउल्लाह ने अपने पहले ही ओवर में करीब 144 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से गेंदबाजी की। ओवर की चौथी गेंद तेजी से अंदर आई और रूट के पैड पर जा लगी। LBW की जोरदार अपील के बाद अंपायर ने उंगली उठा दी। इस तरह रजाउल्लाह ने अपने टेस्ट करियर की पहली ही ओवर में जो रूट जैसा बड़ा विकेट हासिल कर लिया।
एक विकेट से नहीं माने, एमिलियो गे को भी भेजा पवेलियन
रजाउल्लाह का कहर यहीं खत्म नहीं हुआ। दिन का खेल खत्म होने से पहले उन्होंने इंग्लैंड के ओपनर एमिलियो गे को भी अपना शिकार बना लिया। इस तरह टेस्ट डेब्यू के पहले ही दिन उनके खाते में दो अहम विकेट आ गए।
उनकी गेंदबाजी की सबसे खास बात उनकी रफ्तार रही। उन्होंने 143 से 148 किमी प्रति घंटे के आसपास की गति से गेंदें फेंकीं और अपनी लाइन-लेंथ से इंग्लिश बल्लेबाजों को लगातार परेशान किया।
क्यों हो रही वकार यूनुस से तुलना?
रजाउल्लाह के गेंदबाजी एक्शन ने सबसे ज्यादा ध्यान खींचा। उनका साइड-ऑन एक्शन, गेंद रिलीज करते समय कलाई का इस्तेमाल और तेज गति से अंदर आती गेंदें पाकिस्तान के पूर्व दिग्गज पेसर वकार यूनुस की याद दिलाती हैं।
वकार अपनी रफ्तार और खतरनाक इनस्विंगिंग यॉर्कर के लिए मशहूर थे। रजाउल्लाह में भी फिलहाल उसी तरह की आक्रामकता और गेंद को तेजी से अंदर लाने की क्षमता दिखाई दी है। हालांकि, वकार जैसी पहचान बनाने के लिए रजाउल्लाह को अभी लंबा रास्ता तय करना होगा।
मर्दान से पाकिस्तान टीम तक का सफर
रजाउल्लाह पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा के मर्दान जिले से आते हैं। घरेलू क्रिकेट में उनकी रफ्तार ने पेशावर रीजन के कोच अब्दुल रहमान का ध्यान खींचा। इसके बाद उन्हें कायदे-आजम ट्रॉफी 2025-26 में खेलने का मौका मिला।
अपने पहले ही फर्स्ट-क्लास सीजन में रजाउल्लाह ने शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने 8 मैचों में 30 विकेट हासिल किए। इतना ही नहीं, निचले क्रम में बल्लेबाजी करते हुए एक शतक और एक अर्धशतक भी लगाया।
इसके बाद PSL और PCB के हाई-परफॉर्मेंस कैंप में उनके प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान खींचा और उन्हें राष्ट्रीय टीम में जगह मिल गई।
अचानक मिला मौका, लेकिन खुद को साबित कर दिया
रजाउल्लाह को इंग्लैंड दौरे के लिए शुरुआत में टीम में शामिल नहीं किया गया था। पाकिस्तान की शुरुआती टेस्ट मैचों में खराब गेंदबाजी और हार के बाद उन्हें टीम में जगह मिली। यहां तक कि उनके चयन को लेकर कप्तान और टीम मैनेजमेंट के बीच भी आखिरी समय तक ज्यादा जानकारी नहीं थी।
लेकिन एजबेस्टन में मैदान पर उतरते ही रजाउल्लाह ने बता दिया कि उनमें क्यों भरोसा जताया गया है।
21 साल की उम्र, टेस्ट डेब्यू और पहले ही दिन जो रूट समेत दो विकेट—रजाउल्लाह ने पाकिस्तान क्रिकेट को एक ऐसा पेसर जरूर दे दिया है, जिसमें भविष्य का बड़ा तेज गेंदबाज बनने की पूरी क्षमता दिखाई देती है। अब असली चुनौती इस शुरुआत को लंबे करियर में बदलने की होगी।