रायपुर। उप मुख्यमंत्री एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री श्री अरुण साव ने बुधवार को राज्य के सभी नगर निगमों और जिला मुख्यालय वाले नगर पालिकाओं के कार्यों की समीक्षा की। नवा रायपुर स्थित विश्राम भवन में आयोजित बैठक में उन्होंने निगम आयुक्तों और मुख्य नगर पालिका अधिकारियों को शहरों के विकास, स्वच्छता, राजस्व वसूली, योजनाओं के क्रियान्वयन और निर्माण कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।
उप मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि वे प्रतिदिन सुबह शहर का भ्रमण करें, जमीनी स्थिति देखें और समस्याओं का तत्काल समाधान कराएं। उन्होंने कहा कि मॉर्निंग विजिट से साफ-सफाई, निर्माण कार्यों की वास्तविक स्थिति और नागरिकों की समस्याओं की जानकारी सीधे मिल सकेगी।
ऑनलाइन संपत्ति कर भुगतान की सुविधा बढ़ाने के निर्देश
श्री साव ने निकायों की आय बढ़ाने के लिए संपत्तियों का सर्वे कर नई संपत्तियों की पहचान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक नगरीय निकायों में संपत्ति कर के ऑनलाइन भुगतान की सुविधा विकसित करने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि नगरीय निकाय केवल बजट खर्च करने वाली संस्थाएं नहीं हैं, बल्कि शहर के भविष्य की योजना बनाने, नागरिकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने और जनकल्याण सुनिश्चित करने वाली संस्थाएं हैं।
निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर रहेगी नजर
उप मुख्यमंत्री ने निकायों के अभियंताओं को निर्माण कार्यों में तेजी के साथ गुणवत्ता सुनिश्चित करने तथा निर्माणाधीन कार्यों का नियमित और कड़ाई से निरीक्षण करने को कहा। उन्होंने राजस्व वसूली, निर्माण कार्य, साफ-सफाई और योजनाओं के क्रियान्वयन की अलग-अलग दिनों में नियमित समीक्षा के लिए प्रभावी कार्यपद्धति विकसित करने के निर्देश दिए।
अवैध कब्जों और अतिक्रमणों पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश देते हुए उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण पर समय रहते कार्रवाई नहीं होने से भविष्य में सड़क, पानी, बिजली और अन्य सुविधाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है।
अगले 50 वर्षों की जल जरूरतों के लिए बने दीर्घकालिक योजना
श्री साव ने नगरीय निकायों में अगले 50 वर्षों की जल आवश्यकता को ध्यान में रखते हुए चिंतन शिविर आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने जल संरक्षण, वर्षा जल संचयन और उपयोग किए गए पानी के पुनः उपयोग की व्यापक कार्ययोजना बनाने पर जोर दिया।
उन्होंने कहा कि शहरों में भविष्य के जल संकट से बचने के लिए अभी से दीर्घकालिक रणनीति बनाकर काम करना होगा। साथ ही सभी घरों में पेयजल आपूर्ति की पुख्ता व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शहरों में दिखे निकाय की मौजूदगी: सोनमणि बोरा
नगरीय प्रशासन विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि निकायों का दायित्व केवल निर्माण कार्य और योजनाएं पूरी करना नहीं, बल्कि शहर की व्यवस्थाओं का सुचारू संचालन भी है। उन्होंने कहा कि शहरवासियों को नगरीय निकाय की मौजूदगी का अहसास होना चाहिए।
उन्होंने खाली स्थानों का चिन्हांकन कर सघन वृक्षारोपण और ‘अर्बन फॉरेस्ट’ विकसित करने, फुटपाथों को अतिक्रमणमुक्त रखने तथा एनजीटी के निर्देशों का गंभीरता से पालन करने को कहा। सामान्य सभा और एमआईसी की बैठकें भी नियमित एवं समयबद्ध तरीके से आयोजित करने के निर्देश दिए गए।
बैठक में निर्माणाधीन नालंदा परिसरों को जल्द शुरू करने के लिए फर्नीचर, आईटी सुविधाओं, किताबों सहित आवश्यक व्यवस्थाएं पूरी करने और शीघ्र टेंडर जारी करने पर भी चर्चा हुई।
इन योजनाओं की हुई समीक्षा
बैठक में मुख्यमंत्री एवं उप मुख्यमंत्री की घोषणाओं, अधोसंरचना कार्यों, नालंदा परिसर, मुख्यमंत्री नगरोत्थान योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना, 15वें वित्त आयोग, स्वच्छ भारत मिशन, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, अमृत मिशन, जल आवर्धन योजनाओं, पीएम स्वनिधि और पीएम ई-बस सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।
इसके अलावा राजस्व वसूली, वेतन भुगतान, एनर्जी बिल ऑडिट, एबीसी रूल्स एवं गोधाम योजना, मॉर्निंग विजिट, सीएम हेल्पलाइन, लोक सेवा गारंटी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग कार्यों की स्थिति पर भी अधिकारियों से जानकारी ली गई।
बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा, संचालक श्री नीलेशकुमार क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमित अग्रवाल, अपर संचालक श्री पुलक भट्टाचार्य, मुख्य अभियंता श्री रमेश शर्मा सहित सभी नगर निगमों के आयुक्त, जिला मुख्यालय वाले नगरीय निकायों के सीएमओ, राजस्व अधिकारी, वरिष्ठ अभियंता एवं संभागीय कार्यालयों के संयुक्त संचालक उपस्थित रहे।