वडोदरा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के वडोदरा में आयोजित ‘नमो फॉर विकसित भारत’ कार्यक्रम के दौरान विपक्ष पर एक बार फिर ‘नाराज फूफा’ वाले मुहावरे के जरिए निशाना साधा। उन्होंने कहा कि सरकार की विकास परियोजनाओं को लेकर कुछ लोग हर काम में सवाल और विरोध तलाशते हैं।
प्रधानमंत्री ने वडोदरा में करीब 35 हजार करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और लोकार्पण किया। इनमें लगभग 2800 किलोमीटर लंबे डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उल्लेख करते हुए उन्होंने इसके जरिए माल परिवहन में आए बदलावों की चर्चा की।
पीएम मोदी ने कहा कि मुंबई के जेएनपीटी पोर्ट से वडोदरा तक डबल-स्टैक कंटेनर मालगाड़ी के संचालन से बड़ी मात्रा में माल परिवहन संभव हुआ है। उन्होंने इसी संदर्भ में विपक्ष पर कटाक्ष करते हुए कहा कि अब ‘नाराज फूफा जी’ यह सवाल उठाएंगे कि ट्रक वालों का क्या होगा और जिन लोगों ने ट्रक खरीदे हैं, उनका क्या होगा।
पहले भी कर चुके हैं ‘नाराज फूफा’ का इस्तेमाल
प्रधानमंत्री इससे पहले 5 सितंबर को श्रीराम कॉलेज ऑफ कॉमर्स के एक कार्यक्रम में भी विपक्षी आलोचकों के लिए ‘नाराज फूफा’ मुहावरे का इस्तेमाल कर चुके हैं। उन्होंने कहा था कि कुछ लोग हर काम शुरू होते ही उसका विरोध करने लगते हैं।
इस टिप्पणी को लेकर विपक्ष की ओर से प्रतिक्रिया भी सामने आई थी। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री के इस तरह के संबोधन पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि सवाल पूछने वालों को इस तरह के ‘तमगे’ देकर चुप कराने की कोशिश की जाती है।
विपक्ष ने पीएम के बयान पर जताई आपत्ति
राहुल गांधी ने इससे पहले प्रधानमंत्री के ‘दिमागी नक्सल’ और ‘नाराज फूफा’ जैसे शब्दों के इस्तेमाल पर सवाल उठाए थे। वहीं कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी प्रधानमंत्री की भाषा पर टिप्पणी करते हुए कहा था कि विशेषण बदलते रहते हैं, लेकिन सरकार की नीतियों को लेकर विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।
इस तरह विकास परियोजनाओं के उद्घाटन के दौरान प्रधानमंत्री का ‘नाराज फूफा’ वाला तंज एक बार फिर राजनीतिक चर्चा का विषय बन गया है।