कवर्धा। जिला प्रेस क्लब कवर्धा के नाम और पदों के कथित इस्तेमाल को लेकर विवाद सामने आया है। क्लब के अध्यक्ष प्रकाश वर्मा और सचिव धनेश्वर नाथ योगी ने पुलिस अधीक्षक कबीरधाम तथा कलेक्टर कार्यालय में शिकायत देकर मामले की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
शिकायत में यशवंत सिंह ठाकुर, विजय धृतलहरे समेत अन्य लोगों के नाम का उल्लेख किया गया है। शिकायतकर्ताओं का दावा है कि संबंधित लोग जिला प्रेस क्लब की वर्तमान कार्यकारिणी के सदस्य नहीं हैं। इसके बावजूद उनके द्वारा स्वयं को अध्यक्ष, सचिव, सहसचिव, कोषाध्यक्ष, संरक्षक और सदस्य जैसे पदों पर बताए जाने का आरोप लगाया गया है।

पंजीयन और कार्यकारिणी रिकॉर्ड का दिया हवाला
जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों के अनुसार संस्था का पंजीयन क्रमांक 14548 है, जो 22 दिसंबर 2007 को पंजीकृत हुआ था। शिकायत में संस्था की सदस्यता और कार्यकारिणी से संबंधित रिकॉर्ड का भी हवाला देते हुए संबंधित लोगों द्वारा पदों के इस्तेमाल की जांच की मांग की गई है।
क्लब भवन के सामने फोटो प्रसारित करने का आरोप
शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि संबंधित लोगों ने जिला प्रेस क्लब भवन के सामने फोटो खिंचवाए। इसके बाद इन तस्वीरों को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म और व्हाट्सएप ग्रुपों में प्रसारित किया गया।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि इस तरह की तस्वीरों और प्रचार सामग्री से संबंधित लोगों द्वारा स्वयं को जिला प्रेस क्लब कवर्धा का पदाधिकारी या सदस्य बताए जाने की स्थिति बन रही है। इसी आधार पर उन्होंने सोशल मीडिया पर प्रसारित सामग्री की भी जांच कराने की मांग की है।
उप-पंजीयक कार्यालय में भी रखी बात
मामले को लेकर जिला प्रेस क्लब अध्यक्ष प्रकाश वर्मा उप-पंजीयक, फर्म एवं संस्थाएं के कार्यालय भी पहुंचे। अध्यक्ष के अनुसार, वहां मामले को लेकर पुलिस में शिकायत करने की सलाह दी गई। उनके मुताबिक उप-पंजीयक कार्यालय की ओर से मामले को कॉपीराइट से संबंधित विषय बताया गया।
हालांकि, इस मामले में किसी भी कानूनी जिम्मेदारी या अपराध का अंतिम निर्धारण अभी नहीं हुआ है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुष्टि पुलिस अथवा सक्षम प्राधिकारी की जांच के बाद ही हो सकेगी।

जांच के बाद स्थिति होगी स्पष्ट
जिला प्रेस क्लब के पदाधिकारियों ने पुलिस अधीक्षक और कलेक्टर को दी शिकायत में संस्था के नाम और पदों के कथित इस्तेमाल की जांच कराने की मांग की है। साथ ही सोशल मीडिया पर प्रसारित फोटो एवं अन्य सामग्री की भी जांच की मांग की गई है।
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि यदि संबंधित व्यक्ति संस्था के सदस्य या पदाधिकारी नहीं हैं, तो उनके द्वारा क्लब के पदों का उपयोग किस आधार पर किया जा रहा है, इसकी जांच जरूरी है।
अब मामले में पुलिस और प्रशासन की ओर से की जाने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी। शिकायत में लगाए गए आरोप फिलहाल आरोप मात्र हैं और इनकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।