साइबर ठगी से बचने जागरूकता जरूरी, रामविचार नेताम बोले- सतर्कता ही सबसे बड़ा हथियार

रायपुर । इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय में छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित ‘साइबर जागृति अभियान’ के तहत साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से बचाव को लेकर एक दिवसीय कार्यशाला आयोजित की गई। कार्यशाला में कृषि विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों और विद्यार्थियों को साइबर अपराध के विभिन्न तरीकों और उनसे बचने के उपायों की जानकारी दी गई।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कृषि विकास, किसान कल्याण तथा आदिम जाति मंत्री रामविचार नेताम रहे। विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. गिरीश चंदेल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जबकि रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की।

‘साइबर जागृति अभियान’ को लेकर मंत्री ने की पुलिस की सराहना

कार्यशाला को संबोधित करते हुए रामविचार नेताम ने कहा कि देशभर में साइबर अपराध और साइबर ठगी के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। ऐसे समय में नागरिकों को जागरूक करने के लिए छत्तीसगढ़ पुलिस का ‘साइबर जागृति अभियान’ महत्वपूर्ण पहल है।

उन्होंने कहा कि डिजिटल युग में सुरक्षित रहने के लिए जागरूकता और सतर्कता बेहद जरूरी है। उन्होंने प्रदेशवासियों से साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी के तरीकों को समझने तथा डिजिटल माध्यमों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने की अपील की।

चार साल में साइबर ठगी में 40 गुना बढ़ोतरी

रायपुर पुलिस कमिश्नर डॉ. संजीव शुक्ला ने बताया कि देश में साइबर अपराध और ठगी के मामलों में पिछले चार वर्षों में करीब 12 गुना वृद्धि हुई है। इसी अवधि में ठगी की राशि में करीब 40 गुना बढ़ोतरी दर्ज की गई है। उन्होंने कहा कि आंकड़ों के अनुसार देश में प्रतिदिन करीब 61 करोड़ रुपये की साइबर ठगी हो रही है।

उन्होंने कहा कि साइबर ठग लगातार नए-नए तरीके अपना रहे हैं, इसलिए लोगों को पहले से अधिक सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसी उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा 15 अगस्त से 2 अक्टूबर 2026 तक छह सप्ताह का ‘साइबर जागृति अभियान’ चलाया जा रहा है।

फर्जी कॉल, ओटीपी फ्रॉड और डिजिटल अरेस्ट से बचाव की जानकारी

कार्यशाला में पुलिस अधिकारियों ने फर्जी कॉल, फिशिंग लिंक, ओटीपी फ्रॉड, डिजिटल अरेस्ट, फर्जी नौकरी एवं निवेश योजनाओं और सोशल मीडिया के जरिए होने वाली ठगी के बारे में जानकारी दी।

पुलिस ने नागरिकों से अपील की कि वे किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ ओटीपी, बैंक खाते की जानकारी, एटीएम कार्ड नंबर, पासवर्ड या अन्य व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें। संदिग्ध लिंक पर क्लिक करने से भी बचें और अनजान कॉल या संदेशों के जरिए मिलने वाले प्रलोभन अथवा धमकियों पर भरोसा न करें।

साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तत्काल राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करने और राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।

कार्यशाला में विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ. कपिल देव दीपक, कृषि महाविद्यालय रायपुर के अधिष्ठाता, विभिन्न विभागों के संचालक, प्राध्यापक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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