रायपुर | छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन (एनटीटीएम) के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से महानदी भवन, नवा रायपुर में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में तकनीकी वस्त्रों के क्षेत्र में अनुसंधान, नवाचार, उद्योग एवं कौशल विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया गया।
उद्योगों और तकनीकी संस्थानों के बीच समन्वय मुख्य सचिव ने राज्य के तकनीकी शिक्षण संस्थानों और उद्योग प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने के लिए तकनीकी वस्त्र सम्मेलन और कॉन्क्लेव आयोजित करने के निर्देश दिए हैं। इसके तहत प्रारंभिक रूप से प्रत्येक तकनीकी संस्थान से 10-10 विद्यार्थियों को उद्योग आधारित प्रशिक्षण के अवसर दिए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को वास्तविक औद्योगिक उपयोग का अनुभव मिल सके और उद्योगों को कुशल मानव संसाधन प्राप्त हो सके।
प्रमुख निर्णय और कार्ययोजना:
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वस्त्र प्रशिक्षण केंद्र: हथकरघा एवं वस्त्र गतिविधियों वाले क्षेत्रों के औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थानों को चरणबद्ध रूप से वस्त्र प्रशिक्षण केंद्रों के रूप में विकसित किया जाएगा। प्रथम चरण में कोरबा, रायगढ़, जांजगीर-चांपा और बिलासपुर जिलों के संस्थानों को स्थानीय वस्त्र उद्योगों से जोड़ा जाएगा।
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अनुसंधान एवं नवाचार: राज्य के विश्वविद्यालयों और तकनीकी संस्थानों को कृषि, अधोसंरचना, जल प्रबंधन, स्वास्थ्य, सुरक्षा, पर्यावरण और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी राज्य की आवश्यकताओं के अनुरूप अनुप्रयोग आधारित अनुसंधान और उत्पाद विकास के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।
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परियोजना प्रबंधन इकाई (PMU): मिशन की योजनाओं के सुचारू क्रियान्वयन और नियमित निगरानी के लिए एक समर्पित परियोजना प्रबंधन इकाई स्थापित की जाएगी। इसके गठन तक ग्रामोद्योग विभाग में राज्य स्तरीय समन्वय हेतु नोडल अधिकारी नियुक्त किया जाएगा।
इस उच्च स्तरीय बैठक में उद्योग विभाग, तकनीकी शिक्षा संचालनालय, इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय, सीएसवीटीयू, आईआईटी भिलाई, एनआईटी रायपुर, एनआईएफटी (NIFT) रायपुर और हथकरघा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं विशेषज्ञ उपस्थित रहे।