शिवरीनारायण। शासकीय भूमि पर कथित अवैध कब्जे और निर्माण से जुड़े मामले में अतिरिक्त कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा की अदालत ने बड़ा आदेश जारी किया है। न्यायालय ने अपीलार्थी द्वारा किए जा रहे अनाधिकृत भवन निर्माण पर प्रकरण के अंतिम निराकरण तक रोक लगाते हुए 27 अगस्त 2026 को स्थगन आदेश जारी किया है।
बताया गया है कि शिवरीनारायण-खरौद मुख्य मार्ग स्थित शासकीय भूमि पर आनंद केड़िया उर्फ अन्नू केड़िया द्वारा भवन निर्माण किए जाने को लेकर राजस्व न्यायालय में लंबे समय से प्रकरण लंबित है। इसके बावजूद निर्माण कार्य जारी रहने की शिकायत सामने आई थी।
तहसीलदार के आदेश को एसडीएम ने रखा था बरकरार
मामला मई 2025 में उस समय सामने आया, जब नगर पंचायत शिवरीनारायण द्वारा वार्ड क्रमांक 14 में शासकीय भूमि पर गरीब परिवारों द्वारा किए जा रहे कथित अवैध निर्माण को हटाने की कार्रवाई की गई थी। इसी दौरान वार्ड क्रमांक 15 में आनंद केड़िया द्वारा शासकीय भूमि पर किए जा रहे निर्माण को लेकर शिकायत की गई।
शिकायत पर तत्कालीन तहसीलदार शिवरीनारायण अविनाश चौहान ने जांच और पटवारी प्रतिवेदन के बाद 7 जुलाई 2025 को आनंद केड़िया के खिलाफ कार्रवाई करते हुए कथित बेजाकब्जा स्वयं हटाने तथा 10 हजार रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया था।
इस आदेश को आनंद केड़िया ने हाईकोर्ट बिलासपुर में चुनौती दी। हाईकोर्ट ने मामले को अपीलीय प्रकृति का बताते हुए 15 दिनों के भीतर एसडीएम के समक्ष अपील करने और एसडीएम को 45 दिनों में प्रकरण के गुण-दोष के आधार पर निर्णय लेने के निर्देश दिए थे।
इसके बाद एसडीएम ने 10 मार्च 2026 को तहसीलदार के 7 जुलाई 2025 के आदेश को यथावत रखते हुए अपील को सारहीन और तथ्यहीन मानकर खारिज कर दिया।

कमिश्नर के समक्ष अपील के बाद अतिरिक्त कलेक्टर की अदालत पहुंचा मामला
एसडीएम के आदेश के बाद आनंद केड़िया ने कमिश्नर बिलासपुर के समक्ष अपील प्रस्तुत की। कमिश्नर कार्यालय से प्रकरण को अतिरिक्त कलेक्टर, जिला जांजगीर-चांपा के न्यायालय में भेजा गया। मामला अतिरिक्त कलेक्टर की अदालत में लंबित रहने के दौरान भी भवन निर्माण जारी रहने का आरोप लगाया गया।
केविएटकर्ता की शिकायत पर अतिरिक्त कलेक्टर की अदालत में दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं को सुना गया। इसके बाद न्यायालय ने मामले के अंतिम निराकरण तक अपीलार्थी द्वारा किए जा रहे अनाधिकृत निर्माण पर रोक लगाने का स्थगन आदेश जारी कर दिया।
निर्माण पर रोक, अंतिम निर्णय तक आदेश प्रभावी
27 अगस्त 2026 को जारी स्थगन आदेश के बाद अब संबंधित भवन के निर्माण पर रोक लग गई है। मामले में आगे की कार्रवाई अतिरिक्त कलेक्टर न्यायालय में लंबित प्रकरण के अंतिम निर्णय पर निर्भर करेगी।
यह मामला शिवरीनारायण में शासकीय भूमि पर कथित अतिक्रमण और अवैध निर्माण के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर भी चर्चा में है। स्थानीय स्तर पर आरोप लगाया जाता रहा है कि शासकीय भूमि पर अतिक्रमण के मामलों में कार्रवाई को लेकर समानता बरतने की आवश्यकता है।