रायपुर । प्रकृति की खूबसूरती, विशाल जलाशयों, हरे-भरे जंगलों और रोमांचक जलक्रीड़ाओं का अनूठा संगम धमतरी जिले को छत्तीसगढ़ के प्रमुख पर्यटन केंद्रों में पहचान दिला रहा है। मानसून के सुहावने मौसम और आगामी त्योहारों के सीजन में जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सैलानियों की संख्या लगातार बढ़ रही है।
धमतरी में रविशंकर सागर जलाशय यानी गंगरेल बांध, रुद्री डैम, माडमसिल्ली, सिहावा का श्रृंगऋषि पर्वत, कर्णेश्वर महादेव, सप्तऋषि, नरहरा जलप्रपात और जबर्रा हिल्स जैसे कई आकर्षण मौजूद हैं। घने जंगलों और पहाड़ियों से घिरे इन पर्यटन स्थलों की प्राकृतिक सुंदरता पर्यटकों को खासा आकर्षित कर रही है।
‘मिनी गोवा’ गंगरेल बना पर्यटकों की पहली पसंद
‘मिनी गोवा’ के नाम से प्रसिद्ध गंगरेल जलाशय अपनी विशाल जलराशि, मनमोहक सूर्यास्त, बोटिंग और एडवेंचर स्पोर्ट्स के लिए पर्यटकों के बीच लोकप्रिय है। वहीं रुद्री डैम में कयाकिंग, जलक्रीड़ाओं और पारिवारिक पिकनिक का आनंद लेने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंच रहे हैं।
गंगरेल और रुद्री डैम में शुरू की गई कयाकिंग, बोटिंग और अन्य एडवेंचर वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां खास तौर पर युवाओं और साहसिक खेल प्रेमियों को आकर्षित कर रही हैं। इससे धमतरी अब महज एक पर्यटन पड़ाव नहीं, बल्कि एक प्रमुख टूरिज्म हब के रूप में उभर रहा है।
जलाशयों में भरपूर पानी ने बढ़ाई खूबसूरती
इस वर्ष जिले के जलाशयों में पर्याप्त जलभराव भी पर्यटन गतिविधियों में बढ़ोतरी की प्रमुख वजह है। रविशंकर सागर (गंगरेल) जलाशय में 90.72 प्रतिशत जलभराव दर्ज किया गया है। इसका वर्तमान जलस्तर 347.95 मीटर (1141.62 फीट) है और जलाशय में 3548 क्यूसेक पानी की आवक बनी हुई है।
वहीं मुरूमसिल्ली जलाशय 98.82 प्रतिशत जलभराव के साथ अपनी कुल क्षमता के करीब है। इसका जलस्तर 376.22 मीटर (1234.37 फीट) दर्ज किया गया है। दुधावा जलाशय में 82.37 प्रतिशत और सोंढूर जलाशय में 68.90 प्रतिशत जलभराव है। भरपूर जलराशि से आसपास का प्राकृतिक वातावरण और भी आकर्षक हो गया है।
माडमसिल्ली और नरहरा भी पर्यटकों को कर रहे आकर्षित
एशिया के एकमात्र साइफन सिस्टम वाले माडमसिल्ली बांध की अनूठी संरचना और शांत प्राकृतिक वातावरण पर्यटकों को अलग अनुभव देता है। वहीं घने जंगलों, पहाड़ियों और कल-कल बहते पानी के बीच स्थित नरहरा जलप्रपात प्रकृति प्रेमियों और ट्रेकिंग के शौकीनों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है।
सुरक्षा और सुविधाओं पर प्रशासन का फोकस
पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए जिला प्रशासन ने पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा और सुविधाओं के इंतजाम किए हैं। वाटर स्पोर्ट्स के दौरान लाइफ जैकेट पहनना और प्रशिक्षित गाइड की मौजूदगी अनिवार्य की गई है। इसके अलावा पार्किंग, उद्यान, विश्राम स्थल, स्वच्छ पेयजल और साफ-सफाई जैसी सुविधाओं पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
पर्यटन से स्थानीय युवाओं को रोजगार
पर्यटन गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं के लिए भी रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़े हैं। गाइड, बोटिंग संचालन, खान-पान और हस्तशिल्प जैसे क्षेत्रों में स्थानीय लोगों को आजीविका के नए अवसर मिल रहे हैं। इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल रही है।
प्रकृति, रोमांच और बेहतर जन-सुविधाओं के मेल से धमतरी अब छत्तीसगढ़ के पर्यटन मानचित्र पर अपनी अलग पहचान बना चुका है। जिले के जलाशय, झरने, पहाड़ियां और हरियाली सैलानियों को बार-बार यहां आने के लिए आकर्षित कर रहे हैं।