बिलासपुर। शहर के खपरगंज इलाके में दो लोगों के बीच पुराने व्यक्तिगत विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। विवाद के बाद दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और देखते ही देखते जमकर पथराव शुरू हो गया। इस दौरान सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को बल प्रयोग करना पड़ा और आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े।
घटना की सूचना मिलते ही कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह मौके पर पहुंचे और पुलिस अधिकारियों के साथ स्थिति का जायजा लिया। एहतियात के तौर पर करीब 700 पुलिस जवानों को तैनात किया गया है। दूसरे जिलों से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया गया है।
पुराने व्यक्तिगत विवाद से शुरू हुआ मामला
एसएसपी रजनेश सिंह के मुताबिक, दो लोगों के बीच पहले से विवाद चल रहा था। इसी विवाद के दौरान एक व्यक्ति ने दूसरे पर पत्थर मार दिया। इसके बाद उसने अपने साथियों को फोन कर मौके पर बुलाया। साथियों के पहुंचने के बाद खपरगंज इलाके में पथराव शुरू हो गया।
कुछ ही देर में दूसरे पक्ष के लोग भी वहां पहुंच गए और दोनों ओर से पत्थरबाजी होने लगी। स्थिति बिगड़ने पर पुलिस ने मोर्चा संभाला और उपद्रवियों को नियंत्रित करने के लिए आवश्यक बल प्रयोग किया।
सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश का दावा
घटना के बाद मामले को सांप्रदायिक रंग देने की कोशिश की बात भी सामने आई। हालांकि, प्रशासन ने स्पष्ट किया कि विवाद की मूल वजह दो लोगों के बीच पुराना व्यक्तिगत विवाद है। कलेक्टर और एसएसपी ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की अपील की है।
वीडियो फुटेज से उपद्रवियों की पहचान
पुलिस ने घटना के दौरान बनाए गए वीडियो और उपलब्ध फुटेज के आधार पर उपद्रव में शामिल लोगों की पहचान शुरू कर दी है। एसएसपी रजनेश सिंह ने स्पष्ट किया कि कानून हाथ में लेने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। आरोपियों के खिलाफ बलवा समेत अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पथराव में पुलिसकर्मी घायल, वाहनों में तोड़फोड़
हंगामे के दौरान सड़क किनारे खड़ी कुछ गाड़ियों में तोड़फोड़ की गई। पथराव में कुछ पुलिसकर्मियों के घायल होने की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस अब सीसीटीवी और वीडियो फुटेज की मदद से उपद्रवियों की पहचान कर रही है।
कलेक्टर बोले- बिलासपुर भाईचारे का शहर
कलेक्टर संजय अग्रवाल ने कहा कि बिलासपुर भाईचारे और शांति के लिए जाना जाता है। उन्होंने कहा कि पुराने व्यक्तिगत विवाद के कारण कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
खपरगंज में स्थिति नियंत्रण में
घटना के बाद खपरगंज और आसपास के संवेदनशील इलाकों में पुलिस की तैनाती बढ़ा दी गई है। करीब 700 जवान लगातार पेट्रोलिंग कर रहे हैं और अधिकारी स्वयं स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। फिलहाल क्षेत्र में स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाह पर विश्वास नहीं करने की अपील की है।