रायपुर । राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर रायपुर के राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) में आयोजित ‘खेलो इंडिया संवाद’ कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री एवं खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री अरुण साव शामिल हुए। कार्यक्रम को प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय युवा मामले एवं खेल मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया ने वर्चुअली संबोधित किया। देशभर में करीब 1600 स्थानों से जुड़े 8 लाख से अधिक युवाओं ने इस संवाद में भाग लिया।
प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि खेल केवल पदक जीतने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह विकसित भारत के निर्माण में खेलशक्ति और युवाशक्ति को जोड़ने का माध्यम है। उन्होंने आधुनिक खेल पारिस्थितिकी तंत्र विकसित करने, प्रतिभाओं को पहचानकर उन्हें अंतरराष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने और खेल विज्ञान, प्रशिक्षण तथा कोचिंग के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई।
उन्होंने कहा कि ‘खेलो इंडिया संवाद’ युवाओं के विचारों और महत्वाकांक्षाओं को देश के विकास के साथ जोड़ने का महत्वपूर्ण मंच है। खेल, प्रतिभा विकास, शासन और विकसित भारत से जुड़े युवाओं के सुझावों को नीतियों के निर्माण में शामिल करने पर भी जोर दिया।
कार्यक्रम में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता के पीछे कठिन परिश्रम और निरंतर प्रयास की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। युवाओं से बुराइयों को त्यागकर अपनी कमियों को दूर करने और पूरी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया।
श्री साव ने युवाओं को नशे से दूर रहने की अपील करते हुए कहा कि नशामुक्त युवा ही विकसित भारत के निर्माण में प्रभावी भूमिका निभा सकता है। उन्होंने कहा कि असफलता से निराश होने के बजाय आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। युवाओं की क्षमता और सामर्थ्य के बल पर ही भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य पूरा किया जा सकता है।
कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटर तिलक वर्मा ने युवाओं के सवालों का जवाब देते हुए कहा कि खेल व्यक्ति को कठिन परिस्थितियों से जूझना, दबाव का सामना करना, टीम भावना और मानसिक स्थिरता जैसे गुण सिखाता है। उन्होंने खेल को स्वास्थ्य, फिटनेस और पोषण के प्रति जागरूकता बढ़ाने का भी महत्वपूर्ण माध्यम बताया।
यूथ आइकन डॉ. प्रियंका बिस्सा ने युवाओं से केवल सुझाव देने तक सीमित न रहकर अपनी पहल की जिम्मेदारी लेने और उनमें ‘ओनरशिप’ की भावना के साथ काम करने का आह्वान किया। उन्होंने नेतृत्व, शासन-प्रशासन और राष्ट्र निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर जोर दिया।
‘युवा संवाद’ के दौरान NIT के विद्यार्थियों, खिलाड़ियों और युवाओं ने खेल अधोसंरचना के विकास, खेल सुविधाओं के विस्तार, मजबूत खेल पारिस्थितिकी तंत्र, वर्ष 2036 के ओलंपिक के लिए प्रतिभा विकास, नशामुक्ति, युवा नेतृत्व, शासन में युवाओं की भागीदारी और युवा सशक्तीकरण जैसे विषयों पर अपने विचार एवं सुझाव रखे।
इस अवसर पर युवाओं को नशामुक्त रहने की शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम में NIT के निदेशक डॉ. एन.वी. रमना राव, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार, संचालक सुश्री आकांक्षा शिक्षा खलखो, माय भारत के राज्य निदेशक श्री अर्पित तिवारी सहित NIT के प्राध्यापकगण और खेल एवं युवा कल्याण विभाग के अधिकारी मौजूद रहे।