नेपाल में बाढ़ से तबाही के बीच भारत की मदद, PM बालेन शाह ने पीएम मोदी को कहा- ‘Thank You Very Much’

नई दिल्ली। नेपाल में आई भीषण फ्लैश फ्लड के बाद भारत ने राहत एवं बचाव अभियान में मदद के लिए हाथ बढ़ाया है। भारत की ओर से राहत सामग्री और जरूरी मेडिकल सप्लाई की खेप नेपाल भेजी गई है। इस मानवीय सहायता के लिए नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का आभार जताया है।

26 अगस्त की रात भारतीय वायुसेना के C-130J विमान से करीब 10 टन मानवीय सहायता नेपाल पहुंचाई गई। इसमें अस्थायी आश्रय सामग्री, कंबल, हाइजीन किट, सोलर लैंप और दवाइयां शामिल थीं। इसके बाद 27 अगस्त की सुबह दिल्ली के हिंडन एयरबेस से C-17 सैन्य परिवहन विमान के जरिए करीब 37.5 टन राहत सामग्री, दवाइयां और खाद्य पैकेट नेपाल भेजे गए।

पीएम मोदी से बातचीत के बाद बालेन शाह ने जताया आभार

नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत के बाद भारत की एकजुटता और सहायता की पेशकश के लिए धन्यवाद दिया। उन्होंने कहा कि संकट की इस घड़ी में भारत का सहयोग दोनों देशों के बीच मजबूत दोस्ती को दर्शाता है।

प्रधानमंत्री मोदी ने भी बालेन शाह से फोन पर बातचीत कर नेपाल में बाढ़ से हुई जनहानि पर दुख जताया और हरसंभव मानवीय सहायता उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। भारत ने कहा है कि वह नेपाल के राहत एवं बचाव कार्यों में लगातार सहयोग करता रहेगा।

भारतीय वायुसेना ने बढ़ाया राहत अभियान

भारतीय वायुसेना ने बताया कि नेपाल में बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए C-130J विमान के जरिए जरूरी राहत एवं मेडिकल सामग्री भेजी गई है। इसके साथ ही C-17 और C-130 विमानों के माध्यम से अतिरिक्त राहत सामग्री पहुंचाने की व्यवस्था की गई है। बचाव और लोगों को सुरक्षित निकालने के लिए हेलीकॉप्टर भी तैयार रखे गए हैं।

नेपाल दूतावास ने भी भारत का जताया आभार

नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास ने भारत सरकार और भारतीय जनता के प्रति तत्काल मानवीय सहायता उपलब्ध कराने और नेपाल के अधिकारियों के साथ समन्वय के लिए आभार व्यक्त किया। दूतावास ने कहा कि आपदा की इस मुश्किल घड़ी में भारत की चिंता, एकजुटता और सहायता से प्रभावित लोगों को हौसला मिला है।

नेपाल में 26 अगस्त को चीन (तिब्बत)-नेपाल सीमा क्षेत्र में आई अचानक बाढ़ के बाद बड़े पैमाने पर तबाही हुई है। राहत एवं बचाव कार्य लगातार जारी हैं और भारत ने जरूरत के मुताबिक आगे भी सहायता उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता जताई है।

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