वनवासियों का हित और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता, तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता पर जोर: केदार कश्यप

रायपुर । वनवासियों के आर्थिक सशक्तीकरण के साथ उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। तेंदूपत्ता व्यापार में पारदर्शिता और मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी कदम उठाए जा रहे हैं। यह बात वन मंत्री श्री केदार कश्यप ने वनोपज राजकीय व्यापार अंतर्विभागीय समिति (आईडीसी) की 322वीं बैठक में कही।

नवा रायपुर स्थित मंत्री निवास-कार्यालय में आयोजित बैठक में वर्ष 2026 में संग्रहित एवं भंडारित तेंदूपत्तों के विक्रय के लिए द्वितीय चरण की कार्रवाई तथा वर्ष 2025 सीजन के अनुबंध समाप्त तेंदूपत्ता लॉटों की बिक्री के लिए प्राप्त निविदाओं पर चर्चा की गई।

40 तेंदूपत्ता लॉट के लिए 15 खरीदार नियुक्त

बैठक में बताया गया कि 4 अगस्त 2026 को हुई द्वितीय चरण की ऑनलाइन ई-निविदा के आधार पर वर्ष 2026 सीजन के 40 तेंदूपत्ता लॉट के लिए 15 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए जा चुके हैं।

इसी तरह वर्ष 2025 सीजन के अनुबंध समाप्त तेंदूपत्ता लॉटों के लिए द्वितीय चरण की ई-निविदा के माध्यम से 6 लॉट के लिए 3 खरीदारों को नियुक्ति आदेश जारी किए गए हैं। मंत्री ने कहा कि पारदर्शी और समयबद्ध प्रक्रिया से तेंदूपत्ता संग्राहकों के आर्थिक हितों को मजबूती मिलेगी।

वनवासियों की सुरक्षा पर संवेदनशीलता से कार्रवाई

वन मंत्री श्री कश्यप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वन क्षेत्रों में रहने वाले ग्रामीणों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि सरकार वनवासियों के आर्थिक हितों की रक्षा के साथ उनके लिए सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

उन्होंने मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए प्रभावी उपाय करने और प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी रखने के निर्देश भी दिए।

कांकेर में भालू के हमलों को रोकने बनेगी विशेष कार्ययोजना

बैठक में कांकेर जिले और आसपास के वन क्षेत्रों में भालुओं की बढ़ती गतिविधियों से ग्रामीणों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठा। भालू के हमलों और संभावित जनहानि को रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए।

भालुओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में वन विभाग को सतत निगरानी रखने और ग्रामीणों को समय पर सूचना देने को कहा गया है। इसके साथ ही वनवासियों के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाकर उन्हें वन्यजीवों की गतिविधियों के प्रति सतर्क करने पर जोर दिया गया।

पिछली बैठक के फैसलों की भी समीक्षा

बैठक में समिति की 321वीं बैठक में लघु वनोपज संघ से संबंधित लिए गए निर्णयों के पालन प्रतिवेदन की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों से विभिन्न निर्णयों पर की गई कार्रवाई की जानकारी ली गई और प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में अपर मुख्य सचिव श्री मनोज कुमार पिंगुआ, वन बल प्रमुख श्री अरुण कुमार पाण्डेय, एमडी वनोपज संघ श्रीमती संजीता गुप्ता, प्रभारी अपर प्रधान वन संरक्षक श्री एस. जगदीसन, प्रधान मुख्य वन संरक्षक वन्य प्राणी श्री ओ.पी. यादव, अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री माथेश्वरन व्ही., कार्यकारी निदेशक वन श्री एस. वेंकटचलम् सहित अन्य विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।

राज्य सरकार का जोर तेंदूपत्ता सहित लघु वनोपज के व्यापार में पारदर्शिता के माध्यम से वनवासियों को उनकी मेहनत का उचित लाभ दिलाने और वन क्षेत्रों में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम कर सुरक्षित वातावरण तैयार करने पर है।

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