छत्तीसगढ़ के 4 शहरों में दौड़ेंगी 240 ई-बसें, पब्लिक ट्रांसपोर्ट की बदलेगी तस्वीर

रायपुर । छत्तीसगढ़ में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक और पर्यावरण अनुकूल बनाने की दिशा में बड़ी पहल की जा रही है। प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में कुल 240 इलेक्ट्रिक बसें संचालित की जाएंगी। इसके लिए नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने संचालन व्यवस्था और आवश्यक आधारभूत सुविधाओं की तैयारियां तेज कर दी हैं।

नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया के साथ अधिकारियों की बैठक लेकर ई-बस सेवा के क्रियान्वयन की तैयारियों की समीक्षा की। बैठक में रूट प्लानिंग, बस स्टॉप, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

शहरों की जरूरत के हिसाब से तय होंगे रूट

अधिकारियों ने निर्देश दिए कि ई-बसों के रूट शहरों की वास्तविक परिवहन जरूरत और नागरिकों की सुविधा को ध्यान में रखकर तय किए जाएं। स्कूल, कॉलेज, अस्पताल, प्रमुख बाजार और महत्वपूर्ण संस्थानों को ई-बस नेटवर्क से जोड़ने वाले रूट तैयार करने पर विशेष जोर दिया गया।

इसके लिए शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म रूट प्लान तैयार किए जाएंगे। प्रस्तावित रूटों की चरणबद्ध स्टडी कर यात्री संख्या, संभावित मांग, दूरी और कनेक्टिविटी के आधार पर उनकी व्यवहारिकता का आकलन किया जाएगा।

नागरिकों को मिलेगी रूट की पूरी जानकारी

प्रमुख सचिव श्री सोनमणि बोरा ने कहा कि नागरिकों को ई-बस सेवा से जुड़ी जानकारी आसानी से उपलब्ध होनी चाहिए। उन्होंने कितनी बसें किस रूट पर चलेंगी और उनके स्टॉपेज कहां-कहां होंगे, इसकी जानकारी व्यवस्थित रूप से साझा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि रूट प्लानिंग, बस संचालन, डिपो, चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, बस स्टॉप और कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम को एकीकृत रूप से विकसित किया जाना चाहिए।

डिपो और चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर पर जोर

बैठक में चारों शहरों में उपलब्ध संसाधनों और जरूरतों का आकलन कर प्राथमिकताएं तय करने के निर्देश दिए गए। डिपो निर्माण में भविष्य में ई-बसों की संख्या बढ़ने की संभावना को ध्यान में रखते हुए पर्याप्त क्षमता और सुविधाएं विकसित करने पर जोर दिया गया।

चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर की आवश्यकता और उपलब्धता का आकलन कर समय पर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। भूमि, डिपो, चार्जिंग और रूट से जुड़ी संभावित बाधाओं की पहचान कर उनका समयबद्ध समाधान करने के निर्देश भी दिए गए।

महिलाओं के लिए विशेष बस सेवा पर भी चर्चा

बैठक में महिलाओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विशेष बस सेवा शुरू करने की तैयारी पर भी चर्चा हुई। महिलाओं की जरूरत के अनुरूप रूट और संचालन व्यवस्था तैयार करने पर विचार किया गया।

रियल-टाइम मॉनिटरिंग से होगी निगरानी

केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के निदेशक श्री भानु प्रताप सिंह भदौरिया ने डिपो और चार्जिंग स्टेशन के लिए भूमि चयन तथा जरूरी स्वीकृतियों की प्रक्रिया जल्द पूरी करने पर जोर दिया। उन्होंने NHAI, रेलवे और अन्य विभागों के साथ समन्वय कर तकनीकी एवं निर्माण संबंधी कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश दिए।

उन्होंने ई-बस संचालन में आधुनिक तकनीक और डिजिटल सिस्टम के प्रभावी उपयोग पर भी जोर दिया। कमांड एंड कंट्रोल सिस्टम के माध्यम से बसों के संचालन, रूट, यात्री संख्या और अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों की रियल-टाइम मॉनिटरिंग सुनिश्चित करने की दिशा में काम करने को कहा गया।

संचालन मॉडल और मानव संसाधन पर भी मंथन

बैठक में ई-बसों के संचालन के लिए मानव संसाधन, संचालन मॉडल और तकनीकी व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। अधिकारियों ने योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए तकनीक, मानव संसाधन और उपलब्ध संसाधनों के बीच बेहतर समन्वय सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के संचालक श्री नीलेश महादेव क्षीरसागर, सूडा के सीईओ श्री सुमीत अग्रवाल, सीएसपीडीसीएल के प्रबंध संचालक श्री भीम सिंह कंवर, रायपुर नगर निगम आयुक्त श्री संबित मिश्रा सहित रायपुर, बिलासपुर और कोरबा नगर निगम के आयुक्त, NHAI तथा केंद्रीय शहरी कार्य मंत्रालय के अधिकारी उपस्थित रहे।

240 ई-बसों के संचालन से रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में सार्वजनिक परिवहन को आधुनिक, स्वच्छ और बेहतर कनेक्टिविटी वाला स्वरूप मिलने की उम्मीद है।

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