तिल्दा-नेवरा । ग्राम बिलाड़ी, पटवारी हल्का नंबर 07, तहसील तिल्दा-नेवरा क्षेत्र में 150 एकड़ से अधिक सरकारी भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए आवंटित किए जाने की प्रक्रिया को लेकर छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने आपत्ति दर्ज कराई है। संगठन ने तहसीलदार तिल्दा-नेवरा के समक्ष दावा-आपत्ति प्रस्तुत करते हुए भूमि को औद्योगिक उपयोग के लिए आवंटित नहीं करने की मांग की है।
151 एकड़ भूमि के आवंटन पर जताई आपत्ति
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना के अनुसार ग्राम बिलाड़ी में खसरा नंबर 105/1, 2, 5, 6 एवं 94/2 की कुल 61.041 हेक्टेयर सरकारी भूमि है, जो लगभग 151 एकड़ के बराबर है। संगठन का कहना है कि उक्त भूमि को औद्योगिक प्रयोजन के लिए आवंटित किए जाने संबंधी आवेदन की जानकारी सामने आने के बाद ग्रामीण हितों को देखते हुए आपत्ति दर्ज कराई गई है।

सामुदायिक उपयोग प्रभावित होने की आशंका
संगठन ने दावा किया है कि क्षेत्र की सरकारी भूमि का स्थानीय ग्रामीण विभिन्न सामाजिक और पारंपरिक जरूरतों के लिए उपयोग करते हैं। इसमें खेलकूद, पशुओं के चराई क्षेत्र सहित अन्य सामुदायिक गतिविधियां शामिल हैं। संगठन का तर्क है कि भूमि का औद्योगिक उपयोग होने से इन गतिविधियों पर असर पड़ सकता है।
प्रदूषण और पर्यावरण को लेकर चिंता
छत्तीसगढ़िया क्रांति सेना ने औद्योगिक गतिविधियों से क्षेत्र में वायु और जल प्रदूषण बढ़ने की आशंका भी जताई है। संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीणों के हित, पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक उपयोग को ध्यान में रखते हुए उक्त भूमि का औद्योगिक आवंटन रोका जाए।
संगठन ने कहा है कि जल, जंगल और जमीन से जुड़े मुद्दों को लेकर वह ग्रामीणों के हित में लोकतांत्रिक एवं संवैधानिक तरीके से अपनी आवाज उठाता रहेगा। अब इस मामले में प्रशासन की ओर से लिए जाने वाले निर्णय पर सभी की नजरें टिकी हैं।