धमतरी में बैंकिंग योजनाओं की समीक्षा, लंबित ऋण प्रकरणों के शीघ्र निराकरण के निर्देश

धमतरी । कलेक्टर श्री अबिनाश मिश्रा की अध्यक्षता में कलेक्टोरेट सभाकक्ष में जिला स्तरीय परामर्शदात्री समिति (डीएलसीसी) की तिमाही समीक्षा बैठक आयोजित हुई। बैठक में जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग एवं शासकीय योजनाओं की प्रगति, ऋण वितरण, लंबित प्रकरणों, किसान क्रेडिट कार्ड, सामाजिक सुरक्षा योजनाओं और बैंकिंग सेवाओं के विस्तार की समीक्षा की गई।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने बैंक अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की योजनाओं के तहत प्राप्त पात्र ऋण प्रकरणों का पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से निराकरण किया जाए। उन्होंने कृषि के साथ-साथ उद्यानिकी, मत्स्य पालन और पशुपालन क्षेत्र के प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने तथा प्राथमिकता एवं कमजोर वर्गों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप ऋण उपलब्ध कराने कहा।

लंबित ऋण प्रकरणों का शीघ्र निराकरण

कलेक्टर ने Enterprise Finance योजना के लंबित प्रकरणों को एक सप्ताह के भीतर निराकृत करने के निर्देश दिए। जिला व्यापार एवं उद्योग केन्द्र द्वारा भेजे गए PMFME के 66 लंबित प्रकरणों पर उन्होंने नाराजगी जताते हुए शीघ्र निर्णय लेने कहा। किसान क्रेडिट कार्ड के तहत पशुपालन के 113 और मत्स्य पालन के 88 लंबित प्रकरणों को भी प्राथमिकता से निपटाने के निर्देश दिए गए।

प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, प्रधानमंत्री अजय योजना के 119 लंबित प्रकरण तथा प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के 135 लंबित प्रकरणों पर भी त्वरित कार्रवाई करने कहा गया।

PNB नगरी शाखा के लंबित प्रकरणों पर नाराजगी

पंजाब नेशनल बैंक की नगरी शाखा में शासकीय योजनाओं से संबंधित 73 प्रकरण लंबित रहने और कुछ प्रकरणों को अनुचित कारणों से वापस किए जाने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने शाखा प्रबंधक को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 27 अगस्त 2026 तक सभी लंबित प्रकरणों का निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सात नई बैंक शाखाओं के प्रस्तावों की समीक्षा

बैठक में जिले में प्रस्तावित सात नई बैंक शाखाओं की स्थिति की भी समीक्षा की गई। अकलाडोंगरी, कचना, परखंदा, सिलोटी, सिंगपुर, गट्टासिल्ली और बोरई में नई शाखाएं प्रस्तावित हैं। सिंगपुर में सितंबर माह में शाखा शुरू करने की तैयारी है, जबकि बोरई में भारतीय स्टेट बैंक द्वारा सर्वे किया जा चुका है।

कलेक्टर ने ग्रामीण क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार के लिए लंबित प्रस्तावों पर आवश्यक कार्रवाई तेजी से करने के निर्देश दिए।

ऋण-जमा अनुपात 67.98 प्रतिशत

बैठक में बताया गया कि जिले का ऋण-जमा अनुपात 67.98 प्रतिशत है। नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री दिलीप दामानी ने इसे मार्च 2029 तक 70 से 80 प्रतिशत तक बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने बैंकों को विशेष ऋण शिविर और आउटरीच कार्यक्रम आयोजित कर किसानों, महिला स्व-सहायता समूहों, उद्यमियों और पात्र हितग्राहियों को अधिक से अधिक वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने कहा।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की भी हुई समीक्षा

कलेक्टर ने अटल पेंशन योजना सहित विभिन्न सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के लक्ष्यों की शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। PMJJBY और PMSBY के लंबित दावा प्रकरणों का शीघ्र निराकरण, NRLM के स्व-सहायता समूहों का बैंक क्रेडिट लिंकेज, महिला उद्यमी ऋण योजना तथा बैंक सखियों से संबंधित मामलों में भी तेजी लाने कहा गया।

बैठक में जिला पंचायत के NRLM जिला परियोजना प्रबंधक श्री जय वर्मा, भारतीय रिजर्व बैंक रायपुर के प्रबंधक श्री अविनाश टोप्पो, नाबार्ड के जिला विकास प्रबंधक श्री दिलीप दामानी, अग्रणी जिला प्रबंधक श्री इंद्र कुमार टिलवानी सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और जिले के बैंकों के नोडल अधिकारी उपस्थित रहे।

कलेक्टर श्री मिश्रा ने कहा कि बैंक और जिला प्रशासन के बेहतर समन्वय से ही शासन की योजनाओं का लाभ अंतिम पंक्ति के पात्र हितग्राही तक समय पर पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने बैंक अधिकारियों से संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ कार्य करने तथा लंबित प्रकरणों की नियमित समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

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