रायपुर | भारत की युवा शक्ति ही विकसित भारत और विकसित छत्तीसगढ़ के निर्माण की सबसे बड़ी ताकत है। युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा, रचनात्मकता और नवाचार को सही दिशा और अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें राष्ट्र निर्माण की प्रक्रिया से जोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने मंत्रालय महानदी भवन में आयोजित ‘मेरा युवा भारत’ (माय भारत) की प्रदेश स्तरीय समीक्षा बैठक में यह बात कही।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में युवाओं को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के उद्देश्य से ‘मेरा युवा भारत’ जैसे व्यापक मंच की शुरुआत की गई है। युवाओं को सामाजिक, सामुदायिक और रचनात्मक गतिविधियों से जोड़ने से उनमें नेतृत्व क्षमता, सेवा भावना और सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना मजबूत होगी।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को माय भारत से जोड़ा जाए और विभिन्न विभागों की गतिविधियों में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की जाए।
हर क्षेत्र में युवाओं को मिलेंगे सेवा और नेतृत्व के अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने कहा कि स्वास्थ्य, स्वच्छता, शिक्षा, खेल, पर्यावरण संरक्षण, पर्यटन, कौशल विकास, कृषि, तकनीकी शिक्षा, आपदा प्रबंधन और सामाजिक कल्याण जैसे क्षेत्रों में युवाओं की भूमिका बढ़ाई जानी चाहिए। इससे युवाओं को व्यावहारिक अनुभव मिलेगा और उनकी क्षमता का उपयोग समाज एवं प्रदेश के विकास में किया जा सकेगा।
उन्होंने ‘सशक्त युवा-सशक्त छत्तीसगढ़’ की भावना के अनुरूप ग्राम स्तर से राज्य स्तर तक मजबूत युवा नेटवर्क तैयार करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की प्रतिभा पहचानकर उन्हें नेतृत्व के अवसर उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है।
देशभर में 2.65 करोड़ से अधिक युवा माय भारत से जुड़े
बैठक में बताया गया कि ‘मेरा युवा भारत’ युवाओं को सरकार, समाज और राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ने वाला डिजिटल एवं भौतिक मंच है। देशभर में अब तक 2.65 करोड़ से अधिक युवा इस प्लेटफॉर्म से जुड़ चुके हैं। छत्तीसगढ़ में भी 6.60 लाख से अधिक युवाओं का पंजीयन हो चुका है।
माय भारत को युवाओं के लिए सिंगल विंडो डिजिटल प्लेटफॉर्म के रूप में विकसित किया जा रहा है, जहां स्वयंसेवा, कौशल विकास, नेतृत्व और राष्ट्र निर्माण से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी एक ही स्थान पर उपलब्ध हो सकेगी।
अनुभव आधारित कार्यक्रमों से युवाओं को मिल रहा अवसर
बैठक में जानकारी दी गई कि देशभर में 24 हजार 900 से अधिक एक्सपीरियेंशियल लर्निंग प्रोग्राम (ईएलपी) के माध्यम से 1.21 लाख युवाओं को शासन की गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिला है। छत्तीसगढ़ में 233 ईएलपी के माध्यम से 2 हजार 389 से अधिक युवा लाभान्वित हुए हैं।
इसी प्रकार देशभर में स्वयंसेवा के 1.53 लाख से अधिक अवसरों के माध्यम से 10 लाख से अधिक युवाओं को सेवा गतिविधियों से जोड़ा गया है। छत्तीसगढ़ में 5 हजार 778 वालंटियर अवसरों के माध्यम से 23 हजार 900 से अधिक युवाओं ने सहभागिता की है।
बस्तर के युवाओं को मिलेंगे नए अवसर
मुख्यमंत्री श्री साय ने बस्तर क्षेत्र के युवाओं को माय भारत से जोड़ने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बस्तर अब शांति, विश्वास और विकास की नई दिशा में आगे बढ़ रहा है। ऐसे समय में यहां के युवाओं को राष्ट्र निर्माण की गतिविधियों से जोड़ना बेहद महत्वपूर्ण है।
उन्होंने कहा कि बस्तर के युवाओं में प्रतिभा और सामर्थ्य की कोई कमी नहीं है। उन्हें उचित मंच और अवसर उपलब्ध कराकर छत्तीसगढ़ एवं देश के विकास में सक्रिय भागीदार बनाया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने बस्तर ओलंपिक और बस्तर पंडुम जैसे आयोजनों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन कार्यक्रमों ने युवाओं को अपनी खेल प्रतिभा, कला और संस्कृति को प्रदर्शित करने का अवसर दिया है। माय भारत के माध्यम से भी युवाओं को आगे बढ़ने के नए अवसर उपलब्ध कराए जाएं।
विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग पर चर्चा
बैठक में ‘विकसित छत्तीसगढ़ यंग लीडर्स डायलॉग’ के आयोजन पर भी चर्चा हुई। इसके माध्यम से खेल, स्वास्थ्य, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा, कौशल विकास, समाज कल्याण, पर्यटन और कृषि सहित विभिन्न क्षेत्रों में युवाओं की भागीदारी बढ़ाने का प्रयास किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि आने वाला समय युवाओं का है और यही युवा प्रदेश व देश का नेतृत्व करेंगे। इसलिए उनमें नेतृत्व क्षमता, सामाजिक सरोकार और राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना आवश्यक है।
बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री अरुण साव, मुख्य सचिव श्री विकासशील, मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, सचिव श्री राहुल भगत, खेल एवं युवा कल्याण विभाग के सचिव श्री यशवंत कुमार सहित माय भारत के अधिकारी उपस्थित थे।