SLBC बैठक में ग्रामीण बैंकिंग विस्तार पर जोर, किसानों को शीघ्र KCC लोन देने के निर्देश

रायपुर । मंत्रालय (महानदी भवन) में मुख्य सचिव श्री विकासशील की अध्यक्षता में राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति (SLBC) की 102वीं एवं 103वीं संयुक्त बैठक आयोजित की गई। बैठक में मार्च 2026 और जून 2026 को समाप्त तिमाहियों के दौरान राज्य में बैंकिंग सेवाओं, ऋण वितरण, वित्तीय समावेशन तथा केंद्र और राज्य शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई।

बैठक में मुख्य सचिव ने ग्रामीण एवं दूरस्थ क्षेत्रों में बैंकिंग सेवाओं का विस्तार करने तथा शासकीय योजनाओं के हितग्राहियों को वित्तीय सहायता समय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने बैंक अधिकारियों से ऋण प्रकरणों के त्वरित निराकरण के साथ उनकी नियमित मॉनिटरिंग और समीक्षा सुनिश्चित करने को कहा।

जनकल्याणकारी योजनाओं के ऋण प्रकरणों का हो त्वरित निराकरण

मुख्य सचिव ने पीएम सूर्यघर योजना, पीएम स्वनिधि योजना, पीएम आवास योजना और राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के अंतर्गत प्राप्त ऋण आवेदनों का बिना अनावश्यक देरी के निराकरण करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि पात्र हितग्राहियों को योजनाओं का लाभ समय पर मिले, इसके लिए बैंक और संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ काम करें।

किसानों को शीघ्र मिले KCC लोन

बैठक में किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के माध्यम से शीघ्र ऋण उपलब्ध कराने को प्राथमिकता दी गई। इसके साथ ही पशुपालन और मत्स्य पालन क्षेत्र के लिए KCC वितरण की भी समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि KCC के माध्यम से किसानों को खेती, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए रियायती ब्याज दर पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। ऋण सीमा में भी वृद्धि की गई है, जिससे किसानों को कृषि एवं संबद्ध गतिविधियों के लिए अधिक वित्तीय सहायता मिल सके।

बस्तर और सरगुजा संभाग पर विशेष फोकस

बस्तर और सरगुजा संभाग में बैंकिंग सेवाओं की सीमित पहुंच को देखते हुए मुख्य सचिव ने इन क्षेत्रों में नई बैंक शाखाएं खोलने और स्थानीय स्तर पर ऋण की उपलब्धता बढ़ाने के निर्देश दिए। वित्तीय सेवा विभाग के मानकों के अनुरूप बैंकिंग सुविधा से वंचित गांवों में 5 किलोमीटर के दायरे के भीतर बैंकिंग सेवाएं, शाखाओं अथवा बैंकिंग कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) एजेंट के माध्यम से उपलब्ध कराने पर विशेष जोर दिया गया।

वार्षिक ऋण योजना और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा

बैठक में वित्त वर्ष 2025-26 की वार्षिक ऋण योजना के तहत बैंकों के प्रदर्शन की समीक्षा की गई। इसके अलावा सामाजिक सुरक्षा योजनाओं के क्रियान्वयन, ग्रामीण स्वरोजगार प्रशिक्षण संस्थानों (RSETI) की गतिविधियों, जिला परामर्शदात्री समिति की बैठकों और वित्तीय साक्षरता सलाहकारों की नियुक्ति सहित विभिन्न विषयों पर भी चर्चा हुई।

बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक (RBI), नाबार्ड (NABARD) के प्रतिनिधियों के साथ राज्य स्तरीय बैंकर्स समिति के सदस्य बैंकों के वरिष्ठ अधिकारी और राज्य शासन के विभिन्न विभागों के उच्चाधिकारी उपस्थित रहे।

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