जशपुर की प्राकृतिक धरोहरों के संरक्षण पर जोर, वन बल प्रमुख अरुण पाण्डेय ने भैरव पहाड़ और पर्यावरण वाटिका का किया निरीक्षण

रायपुर । प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं वन बल प्रमुख श्री अरुण पाण्डेय ने जशपुर प्रवास के दौरान जिले के महत्वपूर्ण प्राकृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय स्थलों का निरीक्षण किया। उन्होंने भैरव पहाड़ और कांसाबेल वन परिक्षेत्र के ग्राम बगिया स्थित पर्यावरण वाटिका का जायजा लेते हुए इनके संरक्षण एवं विकास के संबंध में अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

भैरव पहाड़ को प्रकृति और जनजातीय संस्कृति के अनुरूप विकसित करने पर जोर

मनोरा विकासखंड स्थित भैरव पहाड़ का निरीक्षण करते हुए श्री पाण्डेय ने क्षेत्र की प्राकृतिक सुंदरता, धार्मिक महत्व तथा स्थानीय जनजातीय परंपराओं और सांस्कृतिक मान्यताओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि भैरव पहाड़ का विकास स्थानीय परंपराओं, प्राकृतिक स्वरूप और सोगड़ा आश्रम से जुड़ी आस्था के अनुरूप किया जाना चाहिए।

उन्होंने विकास कार्यों में पर्यावरणीय संतुलन बनाए रखने तथा प्राकृतिक सुंदरता और स्थानीय संस्कृति के संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। साथ ही भैरव पहाड़ को प्रकृति, आस्था और जनजातीय संस्कृति के समन्वित केंद्र के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर चर्चा की।

पर्यावरण वाटिका बनेगी प्रकृति शिक्षा का केंद्र

वन बल प्रमुख ने ग्राम बगिया में निर्मित पर्यावरण वाटिका का भी निरीक्षण किया। उन्होंने यहां पौधरोपण, हरित क्षेत्र विकास और पर्यावरण संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों का अवलोकन किया।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पर्यावरण वाटिका को स्थानीय समुदाय, विद्यार्थियों और आम नागरिकों के लिए पर्यावरण जागरूकता एवं प्रकृति शिक्षा के प्रभावी केंद्र के रूप में विकसित किया जाए। स्थानीय और उपयोगी प्रजातियों के पौधों के संरक्षण, बेहतर रखरखाव और नियमित जागरूकता कार्यक्रमों को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया गया।

प्रकृति और संस्कृति के संरक्षण से बढ़ेंगे पर्यटन और रोजगार के अवसर

श्री अरुण पाण्डेय ने कहा कि जशपुर की प्राकृतिक संपदा, जैव विविधता, जनजातीय संस्कृति और धार्मिक आस्था जिले की विशिष्ट पहचान हैं। इन धरोहरों के विकास में पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय परंपराओं को प्राथमिकता देना आवश्यक है।

उन्होंने भैरव पहाड़, हनुमान टेकरी और पर्यावरण वाटिका जैसे स्थलों को प्रकृति आधारित, पर्यावरण अनुकूल और जनभागीदारी के मॉडल पर विकसित करने के निर्देश दिए। इससे स्थानीय समुदाय के लिए रोजगार और पर्यटन के नए अवसर सृजित होने के साथ पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता भी बढ़ेगी।

निरीक्षण के दौरान सरगुजा वृत्त के मुख्य वन संरक्षक श्री दिलराज प्रभाकर, वनमंडलाधिकारी बलरामपुर श्री आलोक वाजपेयी, वनमंडलाधिकारी जशपुर श्री शशि कुमार सहित वन विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।

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