पान मसाला की प्लास्टिक पैकिंग पर FSSAI की सख्ती, पेपर-टिन-ग्लास कंटेनर को बढ़ावा

नई दिल्ली । पान मसाला की पैकेजिंग को लेकर खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने नए नियमों की दिशा में कदम बढ़ाया है। हालांकि, उपलब्ध आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार फिलहाल यह बदलाव ड्राफ्ट Food Safety and Standards (Packaging) Amendment Regulations, 2026 के रूप में अधिसूचित हुआ था; इसे 29 अप्रैल 2026 को सार्वजनिक टिप्पणियों के लिए जारी किया गया था।

प्लास्टिक पैकेट की जगह इन विकल्पों का प्रस्ताव

FSSAI के ड्राफ्ट में पान मसाला की पैकेजिंग के लिए पेपर, पेपर बोर्ड, सेलुलोज या अन्य प्राकृतिक सामग्री का विकल्प रखा गया है। प्रस्तावित सामग्री में प्लास्टिक, पॉलीएथिलीन, पॉलीप्रोपिलीन, पॉलीएस्टर, PVC, अन्य सिंथेटिक पॉलिमर या लैमिनेट के साथ एल्युमिनियम फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर नहीं होने की शर्त रखी गई है। इसके अलावा टिन या ग्लास कंटेनर का विकल्प भी प्रस्तावित है।

ड्राफ्ट में Plastic Waste Management Rules, 2016 के उन प्रावधानों को भी लागू करने का उल्लेख है, जिनके तहत प्लास्टिक सामग्री वाले सैशे में गुटखा, तंबाकू और पान मसाला रखने, पैक करने या बेचने पर रोक का प्रावधान है।

पर्यावरण संरक्षण पर जोर

प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य पान मसाला की पैकेजिंग में इस्तेमाल होने वाली ऐसी सामग्रियों को कम करना है, जिनसे प्लास्टिक कचरा और पर्यावरणीय प्रदूषण बढ़ता है। इससे कंपनियों को वैकल्पिक पैकेजिंग सामग्री और उत्पादन प्रक्रियाओं में बदलाव करना पड़ सकता है।

कर्नाटक में तंबाकू-निकोटीन वाले उत्पादों पर अलग कार्रवाई

इसी बीच कर्नाटक सरकार ने तंबाकू और/या निकोटीन वाले गुटखा एवं पान मसाला के निर्माण, भंडारण, वितरण, परिवहन और बिक्री पर एक साल का प्रतिबंध लगाया है। यह आदेश 10 अगस्त 2026 से प्रभावी बताया गया है और राज्यभर में लागू है।

महत्वपूर्ण: FSSAI के मामले में उपलब्ध आधिकारिक दस्तावेज इसे अभी ड्राफ्ट नियम के रूप में दिखाते हैं, इसलिए इसे 10 अगस्त से लागू हो चुका देशव्यापी अंतिम प्रतिबंध बताना सही नहीं होगा।

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