नई दिल्ली | दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने पीतमपुरा स्थित सर्वोदय विद्यालय में अत्याधुनिक STEM (साइंस, टेक्नोलॉजी, इंजीनियरिंग एंड मैथेमेटिक्स) इनोवेशन लैब का उद्घाटन किया। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने कहा कि आज के समय में केवल किताबों तक सीमित शिक्षा पर्याप्त नहीं है। छात्रों को प्रयोग आधारित और व्यावहारिक शिक्षा के जरिए नई तकनीकों को समझने और नवाचार करने के अवसर मिलने चाहिए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हैंड्स-ऑन लर्निंग और प्रयोग आधारित शिक्षा से छात्रों में रचनात्मक सोच, समस्या समाधान क्षमता और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होता है। उन्होंने कहा कि यह लैब छात्रों को भविष्य की तकनीकी और वैज्ञानिक चुनौतियों के लिए तैयार करने में मदद करेगी।
STEM विषय भविष्य की अर्थव्यवस्था की नींव: CM रेखा गुप्ता
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि STEM विषय अब सिर्फ अकादमिक पढ़ाई तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ये भविष्य की अर्थव्यवस्था और राष्ट्र निर्माण की मजबूत नींव बन चुके हैं।
उन्होंने कहा कि छात्रों को विज्ञान और तकनीक के सिद्धांतों को व्यवहार में समझने का अवसर मिलना चाहिए, ताकि वे अपने विचारों को वास्तविक परियोजनाओं में बदल सकें।
मुख्यमंत्री ने कहा, “STEM इनोवेशन लैब सिर्फ एक प्रयोगशाला नहीं, बल्कि छात्रों के लिए नवाचार, वैज्ञानिक सोच और नए अवसरों की शुरुआत है।”
छात्रों को मिलेंगे आधुनिक संसाधन
रेखा गुप्ता ने कहा कि दिल्ली सरकार सरकारी स्कूलों में आधुनिक संसाधन और डिजिटल तकनीक उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि ऐसी लैब छात्रों को प्रयोग, अनुसंधान और नए समाधान खोजने के लिए प्रेरित करेंगी।
उन्होंने कहा कि आने वाले समय में यही छात्र वैज्ञानिक, इंजीनियर, स्टार्टअप संस्थापक और राष्ट्र निर्माता बनेंगे। इसलिए उन्हें शुरुआत से ही गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना जरूरी है।
सरकार और निजी क्षेत्र की साझेदारी पर जोर
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने शिक्षा क्षेत्र में सरकार और निजी संस्थानों के सहयोग को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि ऐसी साझेदारी से सरकारी स्कूलों में आधुनिक शिक्षण संसाधनों की पहुंच बढ़ेगी और छात्रों को बेहतर अवसर मिलेंगे।
STEM इनोवेशन लैब के उद्घाटन कार्यक्रम में पूर्व भारतीय क्रिकेटर और Da One Group के चेयरमैन शिखर धवन, HMD इंडिया के प्रतिनिधि, शिक्षा विभाग के अधिकारी, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाएगी और दिल्ली के छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुसार तैयार करेगी।