सीएम साय का बड़ा ऐलान: हर गांव में मुक्तिधाम, स्कूलों में बनेंगे बालिका शौचालय

रायपुर |मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुक्रवार को महानदी भवन, नवा रायपुर में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन (ग्रामीण) के तहत राज्यव्यापी ‘मेरी बेटी-मेरा अभिमान’ अभियान का शुभारंभ किया। उन्होंने घोषणा की कि 15 अगस्त 2026 से 26 जनवरी 2027 तक चलने वाले इस विशेष अभियान के दौरान प्रदेश के प्रत्येक गांव में मुक्तिधाम एवं प्रतीक्षालय का निर्माण कराया जाएगा। साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों के सभी शासकीय विद्यालयों में बालिकाओं के लिए शौचालय बनाए जाएंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अभियान बेटियों के सम्मान, ग्रामीण स्वच्छता, सामाजिक गरिमा और बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार का ऐतिहासिक कदम है।

हजारों गांवों में होंगे विकास कार्य

मुख्यमंत्री ने बताया कि अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों के शासकीय स्कूलों में 6,481 बालिका शौचालयों का निर्माण किया जाएगा। वहीं प्रदेश के हजारों गांवों में मुक्तिधाम और प्रतीक्षालय बनाए जाएंगे। इसके अलावा कई मुक्तिधामों का उन्नयन भी किया जाएगा, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाएं बेहतर होंगी।

जल संरक्षण को भी मिलेगी प्राथमिकता

मुख्यमंत्री ने कहा कि जल संरक्षण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रदेश के 10 हजार से अधिक बंद या निष्क्रिय बोरवेलों में रिचार्ज संरचनाएं विकसित की जाएंगी। इससे भू-जल स्तर बढ़ेगा, वर्षा जल का संरक्षण होगा और ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल संकट कम करने में मदद मिलेगी। उन्होंने अधिकारियों को सभी कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र शुरू करने के निर्देश दिए।

ग्रामसभा करेगी विकास कार्यों का चयन

मुख्यमंत्री ने बताया कि विकसित भारत-रोजगार एवं आजीविका गारंटी मिशन के तहत सभी विकास कार्यों का चयन ग्रामसभा की स्वीकृति से होगा। योजना के अंतर्गत मजदूरी दर बढ़ाकर 300 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है। उन्होंने कहा कि यह योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘विकसित भारत-2047’ के संकल्प को गांव-गांव तक पहुंचाने का सशक्त माध्यम बनेगी।

किसानों और श्रमिकों के हितों का रखा गया ध्यान

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना में किसानों और श्रमिकों दोनों के हितों का संतुलित ध्यान रखा गया है। कृषि कार्यों के दौरान श्रमिकों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए वर्ष में 60 दिनों तक कुछ कार्यों को स्थगित रखने का प्रावधान किया गया है, ताकि खेती और रोजगार दोनों प्रभावित न हों।

318 प्रकार के विकास कार्य होंगे शामिल

उन्होंने बताया कि योजना के तहत 318 प्रकार के विकास कार्य चार प्रमुख श्रेणियों में शामिल किए गए हैं। इनमें जल संरक्षण, ग्रामीण आधारभूत संरचना, आजीविका संवर्धन तथा जलवायु अनुकूलन एवं आपदा प्रबंधन से जुड़े कार्य शामिल हैं। गांवों में सड़क, पुलिया, पंचायत भवन, आंगनबाड़ी, अतिरिक्त स्कूल कक्ष, पुस्तकालय, किचन शेड, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन, पशु चिकित्सालय जैसी सुविधाओं का भी विकास किया जाएगा।

पारदर्शी और समयबद्ध होगा क्रियान्वयन

मुख्यमंत्री ने कहा कि योजना का उद्देश्य केवल रोजगार उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी विकास सुनिश्चित करना है। प्रत्येक कार्य ग्रामसभा की मंजूरी से किया जाएगा तथा डिजिटल मॉनिटरिंग, समय पर मजदूरी भुगतान, गुणवत्ता नियंत्रण और सामाजिक अंकेक्षण के माध्यम से योजना का पारदर्शी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाएगा।

शेयर करें

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *