नई दिल्ली | संसद के विशेष सत्र को लेकर चल रही अटकलों को संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि 16 से 18 अगस्त के बीच संसद का विशेष सत्र बुलाने की कोई योजना नहीं है। साथ ही उन्होंने कहा कि मौजूदा मानसून सत्र की अवधि बढ़ाने या इसकी तारीखों में बदलाव का भी कोई प्रस्ताव नहीं है।
किरेन रिजिजू का यह बयान उन मीडिया रिपोर्टों के बाद आया है, जिनमें दावा किया जा रहा था कि सरकार परिसीमन और महिला आरक्षण विधेयक जैसे मुद्दों पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुला सकती है।
संविधान संशोधन विधेयक पर सरकार की कोशिश जारी
सरकार मौजूदा मानसून सत्र में संविधान संशोधन विधेयक को पारित कराने के प्रयास में जुटी हुई है। इसी सिलसिले में संसदीय कार्य मंत्री ने विपक्षी नेताओं से भी बातचीत की है। उन्होंने कांग्रेस सांसदों से मुलाकात कर विधेयक और संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
बताया जा रहा है कि इससे पहले बजट सत्र के दौरान संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में आवश्यक दो-तिहाई बहुमत नहीं जुटा पाने के कारण पारित नहीं हो सका था। अब सरकार के सामने इस विधेयक को आगे बढ़ाने के लिए पर्याप्त समर्थन जुटाने की चुनौती है।
परिसीमन मुद्दे पर कांग्रेस का रुख कायम
कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि संसदीय कार्य मंत्री ने परिसीमन के मुद्दे पर विपक्षी नेताओं से बातचीत कर उनका पक्ष जाना है। उन्होंने कहा कि परिसीमन को लेकर कांग्रेस का रुख पहले जैसा ही है और इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ है।
वहीं, किरेन रिजिजू के बयान के बाद संसद के विशेष सत्र को लेकर जारी चर्चाओं पर फिलहाल विराम लग गया है। सरकार ने साफ कर दिया है कि वर्तमान मानसून सत्र अपने निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार ही चलेगा।