रायपुर | सांसद बृजमोहन अग्रवाल और आईएएस अधिकारी अमित कटारिया के बीच हुए विवाद पर उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने सांसद का पक्ष लेते हुए कहा है कि लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का विशेष महत्व होता है और प्रशासनिक अधिकारियों को उनसे सम्मानपूर्वक संवाद करना चाहिए।
मीडिया से चर्चा करते हुए उप मुख्यमंत्री अरुण साव ने कहा, “लोकतंत्र में निर्वाचित जनप्रतिनिधि का अपना महत्व है। प्रशासनिक अधिकारी सम्मान से जनप्रतिनिधियों से बात करें, उनकी बातों को सुनें और उसी के अनुरूप जवाब दें। यह उनका दायित्व है।”
उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों के बीच बेहतर समन्वय से ही विकास कार्यों को गति मिलती है।
तबादलों को लेकर कांग्रेस पर साधा निशाना
सामान्य प्रशासन विभाग द्वारा तीन साल से अधिक समय से एक ही स्थान पर पदस्थ कर्मचारियों के तबादले के आदेश को लेकर अरुण साव ने कहा कि विभाग के पहले से ही निर्देश हैं। जहां किसी प्रकार की विशेष शिकायत सामने आएगी, वहां नियमानुसार संज्ञान लिया जाएगा।
कांग्रेस के आरोपों पर पलटवार करते हुए उन्होंने कहा कि जिस कांग्रेस सरकार के समय “तबादला उद्योग” चलने के आरोप लगते रहे हैं, उसे इस मुद्दे पर बयान देने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक आवश्यकता के अनुसार समय-समय पर तबादले होते हैं, जिससे प्रशासन में कसावट आती है और काम की गति बढ़ती है।
विकास कार्यों में देरी की होगी समीक्षा
प्रदेश के 40 नगरीय निकायों को राशि जारी होने के बाद भी काम शुरू नहीं होने के सवाल पर उप मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित कर रही है कि विकास कार्य तेजी से पूरे हों और किसी तरह की देरी न हो।
उन्होंने कहा कि जहां भी कार्यों में विलंब हो रहा है, उसके कारणों की समीक्षा की जा रही है और संबंधित विभाग आवश्यक कार्रवाई कर रहे हैं।
भूपेश बघेल के पंजाब दौरे पर तंज
पंजाब में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के खिलाफ लगाए गए “गो बैक” नारों को लेकर अरुण साव ने कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, “बघेल जी पंजाब गए, वहां भी लड़ाई हो रही है। यहां भी कांग्रेसी आपस में लड़ रहे हैं। ये लड़ने में ही मशरूफ हैं।”