नई दिल्ली | लोकसभा में शुक्रवार को विपक्ष के हंगामे के बीच जन्म और मृत्यु पंजीकरण से जुड़े विधेयक को मंजूरी दे दी गई। सदन में शोर-शराबे के कारण इस पर विस्तृत चर्चा नहीं हो सकी और इसे ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
सरकार का कहना है कि इस बदलाव का उद्देश्य जन्म और मृत्यु के रिकॉर्ड को ज्यादा सटीक और व्यवस्थित बनाना है। नए नियमों के तहत अगर कोई व्यक्ति जन्म या मृत्यु की जानकारी समय पर दर्ज नहीं कराता है तो उसे पहले की तुलना में ज्यादा कड़े नियमों का सामना करना पड़ सकता है।
देरी से रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया होगी सख्त
विधेयक में देर से पंजीकरण कराने के नियमों में बदलाव का प्रावधान किया गया है। लंबे समय बाद जन्म या मृत्यु दर्ज कराने के लिए अतिरिक्त जांच और अनुमति की प्रक्रिया रखी जा सकती है।
जन्म प्रमाण पत्र बनेगा अहम दस्तावेज
सरकार के अनुसार जन्म प्रमाण पत्र किसी व्यक्ति की कानूनी पहचान का महत्वपूर्ण आधार है। नए प्रावधानों से रिकॉर्ड को मजबूत करने और सरकारी योजनाओं के संचालन में मदद मिलने की उम्मीद है।
विपक्ष के विरोध के बीच पास हुआ बिल
लोकसभा में विपक्षी सांसद विभिन्न मुद्दों को लेकर लगातार विरोध कर रहे थे। इसी दौरान सरकार ने विधेयक पेश किया और हंगामे के बीच इसे ध्वनिमत से पारित करा लिया गया।
अब यह विधेयक आगे राज्यसभा में पेश किया जाएगा। वहां से मंजूरी मिलने और राष्ट्रपति की स्वीकृति के बाद ही यह कानून के रूप में लागू होगा।