नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने अपने आंदोलन से जुड़े मामलों में सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश पर आपत्ति जताई है। संगठन ने कहा है कि यदि छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई जारी रही या उन्हें परेशान किया गया, तो वह बड़े स्तर पर शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करेगा।
CJP के फाउंडर अभिजीत दीपके ने कहा कि प्रदर्शन में शामिल युवाओं को निशाना बनाया गया तो संगठन एक बार फिर व्यापक आंदोलन शुरू करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सुप्रीम कोर्ट का अंतरिम आदेश केंद्र सरकार की ओर से 25 जुलाई 2026 को दिए गए कथित आश्वासन से अलग है।
CJP का दावा है कि सरकार की ओर से प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर वापस लेने और किसी भी छात्र को प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से परेशान नहीं करने का भरोसा दिया गया था। संगठन ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश के बाद उसे आशंका है कि केंद्र और कुछ राज्य सरकारें एफआईआर की जांच आगे बढ़ाने के नाम पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई कर सकती हैं।
सुप्रीम कोर्ट के अंतरिम आदेश में कहा गया है कि दिल्ली-एनसीआर और अन्य राज्यों में दर्ज एफआईआर की जांच आगे बढ़ाई जा सकती है। हालांकि, प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ किसी भी कठोर कार्रवाई से सुरक्षा दी गई है। कोर्ट ने यह भी स्पष्ट किया है कि आपराधिक पृष्ठभूमि वाले लोगों को यह राहत नहीं मिलेगी।
CJP ने मांग की है कि केंद्र सरकार और संबंधित राज्य सरकारें 25 जुलाई को हुए कथित आश्वासन और समझौते की पूरी जानकारी सुप्रीम कोर्ट के सामने रखें, ताकि अदालत मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए आगे निर्णय ले सके।
संगठन का कहना है कि पूरी जानकारी के बिना दिया गया अंतरिम आदेश उसके लिए स्वीकार्य नहीं है और वह छात्रों के हितों की रक्षा के लिए आगे भी लोकतांत्रिक तरीके से विरोध जारी रखेगा।