तिल्दा-नेवरा | नगर सहित आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में बढ़ते अवैध शराब कारोबार को लेकर लोगों में चिंता बढ़ती जा रही है। युवा वर्ग के नशे की गिरफ्त में आने और सामाजिक वातावरण प्रभावित होने के विरोध में तिल्दा-नेवरा से लगे ग्राम पंचायत सरोरा में पंचायत भवन में ग्रामीणों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई।
बैठक में सरपंच, पंचगण सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण और महिलाओं ने भाग लिया। सभी ने गांव में अवैध रूप से हो रही शराब बिक्री को पूरी तरह बंद कराने का सामूहिक संकल्प लिया। ग्रामीणों ने प्रस्ताव पारित कर निर्णय लिया कि अवैध शराब बिक्री करने वालों और शराब के नशे में सार्वजनिक स्थानों पर उत्पात मचाने वालों के खिलाफ जुर्माना सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
बैठक में गांव में निगरानी व्यवस्था मजबूत करने और नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाने पर भी चर्चा हुई। इसके लिए महिला कमांडो समूह गठित करने का प्रस्ताव रखा गया, जो गांव में नशामुक्ति अभियान को आगे बढ़ाने में सहयोग करेगा।
ग्रामीणों ने बताया कि अवैध शराब बिक्री के कारण गांव का सामाजिक माहौल प्रभावित हो रहा है। शराब के नशे में असामाजिक तत्वों द्वारा स्कूल परिसर और सार्वजनिक स्थानों पर शराब की बोतलें फेंकने एवं तोड़ने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे अभिभावकों और पंचायत प्रतिनिधियों में नाराजगी है।
सरपंच श्रीमती उमेश्वरी विश्राम साहू एवं पंचायत प्रतिनिधियों ने कहा कि अवैध शराब के कारण महिलाओं और युवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि गांव में अवैध शराब कारोबार पर प्रभावी रोक लगाने के लिए सख्त कार्रवाई की जाए।
बैठक में ग्रामीणों ने पंचायत और प्रशासन के सहयोग से गांव को नशामुक्त बनाने तथा जनजागरूकता अभियान को निरंतर जारी रखने का निर्णय लिया।
इस अवसर पर सरपंच श्रीमती उमेश्वरी विश्राम साहू, उपसरपंच बसंत सिंह विनोद, पंच दयाचंद चतुर्वेदी, उमा कुर्रे, इंदू शेखर शर्मा, सरोजनी यदु, माहेश्वरी पाल, मनोज यादव, ताराचंद पाल, जितेंद्र वर्मा सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।