रायपुर। स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सोमवार को राजधानी रायपुर के राजीव गांधी चौक पर एक दिवसीय धरना-प्रदर्शन किया। प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल और असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक के नेतृत्व में आयोजित इस प्रदर्शन में स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया तत्काल बंद करने, लगाए गए मीटर हटाने और बढ़े हुए बिजली बिलों की जांच कर उपभोक्ताओं को राहत देने की मांग की गई।
प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध का अनोखा तरीका अपनाते हुए पुराने बिजली मीटर को कुर्सी पर रखकर उसकी आरती उतारी और उसे दोबारा स्थापित किए जाने की प्रतीकात्मक प्रार्थना की। धरना स्थल पर बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और नागरिक मौजूद रहे।
धरने को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस महामंत्री कन्हैया अग्रवाल ने आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटरों के कारण आम लोगों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि सरकार को स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगानी चाहिए और बढ़े हुए बिजली बिलों की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था भविष्य में बिजली कंपनियों के निजीकरण की दिशा में उठाया गया कदम है।
पूर्व महापौर एजाज ढेबर ने राज्य सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि एक ओर सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से आर्थिक सहायता दे रही है, वहीं दूसरी ओर स्मार्ट मीटर और अन्य माध्यमों से लोगों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। उन्होंने बढ़े हुए बिजली बिलों को कम करने की मांग की।

असंगठित क्षेत्र समस्या निवारण प्रकोष्ठ के प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद सिद्दीक ने कहा कि स्मार्ट मीटरों का विरोध अन्य राज्यों की तरह छत्तीसगढ़ में भी जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा स्मार्ट मीटर को अनिवार्य नहीं बताए जाने के बावजूद कई स्थानों पर उपभोक्ताओं पर इसे लगाने का दबाव बनाया जा रहा है।
धरना-प्रदर्शन को पूर्व पार्षद मदन तालेड़ा, सुंदर जोगी, नरेश गढ़पाल, राजेंद्र जैन, सुरेश बाफना, मोहम्मद फहीम, सुषमा ध्रुव सहित कई कांग्रेस नेताओं ने भी संबोधित किया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता और स्थानीय नागरिक शामिल हुए।
कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया नहीं रोकी गई और उपभोक्ताओं की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा।