रायपुर। छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में सीए ऑफिस में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस ने पर्दाफाश कर दिया है। चोरी की इस वारदात को ऑफिस के ही एक पुराने कर्मचारी ने अपने साथी के साथ मिलकर अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की पूरी रकम 7 लाख 80 हजार रुपये बरामद कर ली है।
यह मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। पुलिस के मुताबिक, सीए तारवानी एंड एसोसिएट ऑफिस की कैशियर अपर्णा नायक ने थाने में शिकायत दर्ज कराई थी कि 20 जुलाई की रात अज्ञात चोर ने ऑफिस में घुसकर कैश काउंटर का लॉक तोड़ दिया और वहां रखी नगदी रकम लेकर फरार हो गया।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। घटना की गंभीरता को देखते हुए एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट और सिविल लाइन थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने मौके का निरीक्षण किया और ऑफिस में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की।
सीसीटीवी और पूछताछ से खुला राज
जांच के दौरान पुलिस को ऑफिस के पूर्व कर्मचारी उमेश पोर्ते पर संदेह हुआ। टीम ने उसे बिलासपुर से हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली।
आरोपी ने बताया कि उसे ऑफिस में रखी नकदी और सुरक्षा व्यवस्था की पूरी जानकारी थी। इसी का फायदा उठाकर उसने अपने साथी लक्ष्मीनारायण ध्रुव के साथ मिलकर चोरी की योजना बनाई और वारदात को अंजाम दिया।
दोनों आरोपी गिरफ्तार, रकम बरामद
पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी की गई 7 लाख 80 हजार रुपये की नगदी बरामद कर ली है। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस का कहना है कि मामले में आगे की जांच जारी है और आरोपियों से अन्य घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ की जा रही है।