नई दिल्ली | IPL के संस्थापक ललित मोदी ने 16 साल बाद भारत लौटने की खबरों पर सफाई दी है। उन्होंने कहा है कि वह स्थायी रूप से भारत नहीं लौटेंगे, बल्कि लंदन में ही रहेंगे और समय-समय पर भारत आते रहेंगे।
ललित मोदी ने कहा कि उनका भारत आने का उद्देश्य पारिवारिक कारोबार में बेटे की भूमिका को मजबूत करना है। उन्होंने बताया कि वह इस साल के अंत या अगले साल की शुरुआत में भारत आ सकते हैं। उनकी बेटी अक्टूबर में बच्चे को जन्म देने वाली हैं, जिसके बाद वह भारत आने की योजना बना रहे हैं।
FEMA मामले में मिली राहत के बाद किया था ऐलान
दरअसल, IPL 2009 के दक्षिण अफ्रीका आयोजन से जुड़े FEMA मामले में 16 जुलाई को अपीलीय ट्रिब्यूनल ने ललित मोदी को राहत दी थी। ट्रिब्यूनल ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा लगाए गए जुर्माने को रद्द कर दिया था।
इस फैसले के बाद ललित मोदी ने सोशल मीडिया पर भारत लौटने की इच्छा जताई थी। हालांकि अब उन्होंने स्पष्ट किया है कि वह भारत में स्थायी रूप से बसने नहीं जा रहे हैं।
क्या था FEMA मामला?
यह मामला वर्ष 2009 में IPL को भारत से दक्षिण अफ्रीका स्थानांतरित किए जाने से जुड़ा है। लोकसभा चुनाव के कारण सुरक्षा कारणों से टूर्नामेंट को दक्षिण अफ्रीका में आयोजित किया गया था।
आरोप था कि BCCI की ओर से दक्षिण अफ्रीका में करीब 243.45 करोड़ रुपये भेजे गए, जिसके लिए RBI की पूर्व अनुमति नहीं ली गई। ED ने इसे FEMA नियमों का उल्लंघन बताया था।
ED ने वर्ष 2018 में ललित मोदी पर 10.65 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था, जिसे उन्होंने चुनौती दी थी।
ट्रिब्यूनल ने कहा- व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं
ललित मोदी के अनुसार, अपीलीय ट्रिब्यूनल ने माना कि दक्षिण अफ्रीका भेजी गई राशि ‘करंट अकाउंट ट्रांजैक्शन’ थी और इसके लिए RBI की पूर्व अनुमति आवश्यक नहीं थी।
उन्होंने बताया कि ट्रिब्यूनल ने यह भी माना कि FEMA अनुपालन के लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता।
IPL से जुड़े अन्य मामलों में जांच जारी
हालांकि, ललित मोदी के खिलाफ IPL ब्रॉडकास्ट राइट्स और अन्य मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रियाएं अलग-अलग चल रही हैं। 2010 में IPL विवादों के बाद BCCI ने उन्हें निलंबित किया था और 2013 में अनुशासन समिति ने क्रिकेट गतिविधियों से आजीवन प्रतिबंधित कर दिया था।
ललित मोदी वर्ष 2010 से लंदन में रह रहे हैं। वह मोदी एंटरप्राइजेज से जुड़े कारोबारी भी हैं।