लोकसभा में NEET पर बवाल, अखिलेश यादव ने उठाया छात्राओं से कथित दुर्व्यवहार का मुद्दा

नई दिल्ली |  संसद के मानसून सत्र के तीसरे दिन NEET पेपर लीक और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई को लेकर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। लोकसभा की कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी सांसदों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी, जिसके चलते सदन की कार्यवाही कई बार स्थगित करनी पड़ी।

विपक्ष की ओर से केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और NEET मामले पर चर्चा की मांग की जा रही है। विपक्ष का आरोप है कि परीक्षा व्यवस्था में हुई कथित अनियमितताओं के लिए सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।

लोकसभा में समाजवादी पार्टी प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह किसी एक राजनीतिक दल का मुद्दा नहीं, बल्कि छात्रों और युवाओं से जुड़ा मामला है।

अखिलेश यादव ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, “क्या बेटियों के कपड़े फाड़ेंगे आप?” उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के साथ जिस तरह का व्यवहार किया गया, वह गंभीर चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि यदि छात्रों की आवाज नहीं सुनी जाएगी तो विपक्ष सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।

सपा प्रमुख ने प्रधानमंत्री आवास के बाहर हुए प्रदर्शन का जिक्र करते हुए कहा कि विपक्ष मजबूरी में वहां गया था। उन्होंने सवाल किया कि प्रधानमंत्री इस मुद्दे पर सदन में बयान क्यों नहीं दे रहे हैं।

काले कपड़ों में संसद पहुंचे विपक्षी सांसद

NEET पेपर लीक और पुलिस कार्रवाई के विरोध में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कांग्रेस और विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे। विपक्षी नेताओं ने संसद परिसर में प्रदर्शन कर सरकार के खिलाफ विरोध जताया।

कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को दबाना लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है।

सरकार चर्चा के लिए तैयार, इस्तीफे की मांग पर असहमति

वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने कहा कि विपक्ष की मांग स्पष्ट है कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें। उन्होंने कहा कि NEET जैसे गंभीर मुद्दे पर सरकार को जवाब देना चाहिए।

संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने विपक्ष के आरोपों पर जवाब देते हुए कहा कि सरकार NEET पेपर लीक मामले पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि सरकार नियमों के तहत सार्थक चर्चा चाहती है, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को स्वीकार नहीं किया जा सकता।

इससे पहले कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में राजाजी मार्ग से लोक कल्याण मार्ग तक मार्च निकाला था। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव समेत कई नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था, जिन्हें बाद में रिहा कर दिया गया।

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