नई दिल्ली | NEET पेपर लीक, शिक्षा व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस और विपक्षी दलों का आंदोलन तेज हो गया है। बुधवार को कांग्रेस के प्रोटेस्ट पार्ट-2 के तहत राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी सांसद काले कपड़े पहनकर संसद पहुंचे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया।
इससे पहले मंगलवार को कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास की ओर मार्च निकाला था। इस दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव समेत कई विपक्षी नेताओं को पुलिस ने हिरासत में लिया था। बाद में सभी नेताओं को रिहा कर दिया गया।
बुधवार को संसद पहुंचने से पहले विपक्षी दलों के फ्लोर लीडर्स की बैठक राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे के कक्ष में हुई। बैठक में संसद की रणनीति और NEET विवाद समेत अन्य राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा की गई।
कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने प्रदर्शन का समर्थन करते हुए कहा कि छात्रों की मांगें जायज हैं और उन्हें अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन को रोकना लोकतांत्रिक व्यवस्था के खिलाफ है।
वहीं, कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर निशाना साधते हुए उनके इस्तीफे की मांग दोहराई। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर सरकार को जवाबदेही तय करनी चाहिए।
कांग्रेस सांसद सैयद नसीर हुसैन ने कहा कि विपक्षी सांसद छात्रों और प्रदर्शनकारियों के समर्थन में काले कपड़े पहनकर ब्लैक डे मना रहे हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष सरकार से छात्रों से संवाद करने और परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग कर रहा है।
कांग्रेस का कहना है कि NEET परीक्षा में कथित अनियमितताओं, पेपर लीक के आरोपों और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के खिलाफ यह आंदोलन जारी रहेगा। पार्टी ने केंद्र सरकार से शिक्षा व्यवस्था में सुधार और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग की है।