रायपुर । छत्तीसगढ़ में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बढ़ती मांग ने सरकार की सब्सिडी व्यवस्था पर दबाव बढ़ा दिया है। पेट्रोल-डीजल की उपलब्धता में आई परेशानी और ईंधन खर्च से बचने के कारण राज्य में ईवी वाहनों की बिक्री तेजी से बढ़ी है। स्थिति यह है कि वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए तय 100 करोड़ रुपये का सब्सिडी बजट महज चार महीने में खत्म हो गया, जबकि पुराने और नए भुगतान को मिलाकर सब्सिडी का बकाया करीब 155 करोड़ रुपये तक पहुंच गया है।
राज्य में पिछले वित्तीय वर्ष 2025-26 में करीब 25 हजार इलेक्ट्रिक वाहन बिके थे, जबकि जनवरी से जून 2026 के बीच ही 12 हजार से अधिक ईवी वाहन खरीदे जा चुके हैं। अधिकारियों का कहना है कि नियमों के अनुसार पात्र सभी वाहन मालिकों को सब्सिडी का लाभ दिया जाएगा और बढ़ते आंकड़ों की जानकारी शासन को भेजी जा रही है।
ईवी की बिक्री में दोगुनी से ज्यादा बढ़ोतरी
आंकड़ों के मुताबिक जून 2025 में राज्य में करीब 2471 इलेक्ट्रिक दोपहिया वाहन और 753 कार व ई-रिक्शा की बिक्री हुई थी। वहीं जून 2026 में यह संख्या बढ़कर 3849 दोपहिया वाहन और 1761 कार-ई रिक्शा तक पहुंच गई।
ईवी वाहनों की मांग इतनी बढ़ गई है कि कई कंपनियों के वाहन तत्काल उपलब्ध नहीं हो रहे हैं। ग्राहकों को शो-रूम में बुकिंग करानी पड़ रही है। दोपहिया वाहनों की डिलीवरी में करीब 7 से 14 दिन लग रहे हैं, जबकि इलेक्ट्रिक कारों के लिए कई जगह एक महीने तक का इंतजार करना पड़ रहा है।
विधानसभा में मंत्री ने दी सब्सिडी की जानकारी
छत्तीसगढ़ विधानसभा के मानसून सत्र में कुरूद विधायक अजय चंद्राकर के सवाल पर वन एवं परिवहन मंत्री केदार कश्यप ने इलेक्ट्रिक वाहन नीति से जुड़ी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि राज्य की ईवी नीति के तहत 20 लाख रुपये तक की इलेक्ट्रिक गाड़ियों पर 10 प्रतिशत या अधिकतम 1 लाख रुपये तक प्रोत्साहन राशि देने का प्रावधान है।
अगस्त 2022 से लागू इलेक्ट्रिक वाहन नीति के तहत 15 जून 2026 तक 1 लाख 22 हजार 862 वाहनों के लिए 270.45 करोड़ रुपये की सब्सिडी स्वीकृत की जानी थी। इनमें से 53,308 वाहनों के लिए 115.77 करोड़ रुपये का भुगतान जारी किया जा चुका है।
इस साल 75 हजार ईवी बिक्री का अनुमान
ऑटोमोबाइल कारोबारियों के अनुसार छत्तीसगढ़ में ईवी की बिक्री देश के कई राज्यों की तुलना में तेज गति से बढ़ रही है। ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के प्रतिनिधियों का कहना है कि राज्य में ईवी की बिक्री की वृद्धि दर 10 प्रतिशत से अधिक है।
फेडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (FADA) के आंकड़ों के अनुसार, जनवरी 2026 में राज्य में 279 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री हुई थी, जो जून में बढ़कर 297 हो गई। मार्च में सबसे अधिक 375 इलेक्ट्रिक कारें और अप्रैल में 320 कारें बिकीं। रायपुर में अब तक सबसे ज्यादा 905 इलेक्ट्रिक कारों की बिक्री दर्ज की गई है।
व्यापारियों का अनुमान है कि मौजूदा रफ्तार जारी रही तो वित्तीय वर्ष 2026-27 में राज्य में 75 हजार से अधिक इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हो सकती है। बढ़ती मांग को देखते हुए सरकार के सामने अब सब्सिडी बजट बढ़ाने की चुनौती भी खड़ी हो गई है।