धमतरी । छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले का ग्राम पुरी कृत्रिम गर्भाधान तकनीक के माध्यम से पशुधन विकास का एक सफल मॉडल बनकर उभरा है। गांव में वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन से ग्रामीणों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।
ग्राम पुरी में आयोजित उन्नत वत्स प्रदर्शनी का अवलोकन छत्तीसगढ़ के कृषि विकास एवं किसान कल्याण मंत्री श्री रामविचार नेताम ने किया। इस दौरान उन्होंने पशुधन विकास विभाग द्वारा किए जा रहे नवाचारों और वैज्ञानिक प्रयासों की सराहना की।
प्रदर्शनी में कृत्रिम गर्भाधान तकनीक से तैयार 42 उन्नत वत्सों (एफ-1 से एफ-3 पीढ़ी) का प्रदर्शन किया गया। मंत्री नेताम ने कहा कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पशुधन की गुणवत्ता में सुधार और दुग्ध उत्पादन में वृद्धि किसानों की आय बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
कार्यक्रम में कृषि उत्पादन आयुक्त श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी और पशुधन विकास विभाग के संचालक श्री चन्द्रकांत वर्मा भी उपस्थित रहे। दोनों अधिकारियों ने पशुपालकों से संवाद कर विभागीय योजनाओं की जानकारी ली।
ग्राम पुरी की सरपंच श्रीमती कुंती देवदास और दुग्ध सहकारी समिति अध्यक्ष श्री चिरौंजीलाल साहू ने बताया कि गांव में शत-प्रतिशत कृत्रिम गर्भाधान अपनाया गया है, जिससे लगभग हर परिवार डेयरी व्यवसाय से जुड़ चुका है। वर्तमान में गांव के दुग्ध संकलन केंद्र में प्रतिदिन 500 लीटर से अधिक दूध का संग्रहण हो रहा है।
मंत्री ने कार्यक्रम के दौरान कृत्रिम गर्भाधान कार्य में सहयोग करने वाले ग्रामीण चरवाहों को सम्मानित भी किया। इसके अलावा कृषि में आधुनिक तकनीक के उपयोग को बढ़ावा देने के लिए ड्रोन स्प्रे तकनीक का प्रदर्शन भी किया गया।
अधिकारियों ने बताया कि ग्राम पुरी अब वैज्ञानिक पशुपालन और डेयरी विकास का एक प्रेरणादायक मॉडल बन चुका है, जिसे अन्य जिलों के लिए भी उदाहरण के रूप में देखा जा रहा है।