सूरत। गुजरात पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने फेसबुक पर वजन कम करने के नाम पर चल रहे एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस के अनुसार, गिरोह ने फर्जी वेट लॉस विज्ञापनों के जरिए देशभर की महिलाओं को निशाना बनाकर करीब 80 करोड़ रुपये की ठगी की।
जांच में सामने आया कि गिरोह का संचालन गुरुग्राम स्थित क्यूरेस्ट साइंस एंड वेलनेस प्राइवेट लिमिटेड नामक कंपनी के जरिए किया जा रहा था। बाहर से यह हेल्थ एंड वेलनेस कंपनी दिखाई देती थी, लेकिन अंदर 170 लोगों की टीम कथित ठगी के नेटवर्क को संचालित कर रही थी। इनमें 150 युवतियां खुद को हेल्थ एक्सपर्ट या डॉक्टर की सहायक बताकर ग्राहकों से संपर्क करती थीं, जबकि 20 युवक फर्जी डॉक्टर बनकर मेडिकल सलाह देते थे।
पुलिस के मुताबिक फेसबुक पर “30 दिन में बिना एक्सरसाइज और डाइटिंग के वजन घटाने” के विज्ञापन दिखाए जाते थे। विज्ञापन पर क्लिक करने के बाद पीड़ितों को व्हाट्सएप कॉल और संदेश भेजे जाते थे। इसके बाद फर्जी मेडिकल रिपोर्ट, बॉडी प्रोफाइल, BMI और अन्य स्वास्थ्य संबंधी दस्तावेज भेजकर उनका भरोसा जीता जाता था और महंगी दवाएं खरीदने के लिए प्रेरित किया जाता था।
जांच में यह भी सामने आया कि गिरोह ऑनलाइन भुगतान से बचता था और अधिकांश रकम नकद वसूलता था। इसके लिए आरोपी विभिन्न शहरों में जाकर दवाइयों की डिलीवरी के बदले कैश लेते थे।
मामले का खुलासा तब हुआ जब सूरत की एक महिला ने शिकायत दर्ज कराई कि उससे पांच महीनों में 1.77 करोड़ रुपये वसूले गए और बाद में 81.50 लाख रुपये की अतिरिक्त मांग करते हुए दवा के दुष्प्रभाव का डर दिखाया गया। शिकायत के बाद पुलिस ने जाल बिछाकर कैश लेने पहुंचे आरोपी को गिरफ्तार किया। उसकी निशानदेही पर गुरुग्राम स्थित कॉल सेंटर पर छापा मारकर पूरे नेटवर्क का खुलासा किया गया।
पुलिस ने मामले में कई आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। साथ ही जब्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और वित्तीय लेनदेन की जांच भी की जा रही है।