बिलासपुर। नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत हुए 15 दिन बीत जाने के बाद भी प्राइमरी और मिडिल स्कूलों के विद्यार्थियों को अब तक पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो सकी हैं। किताबों की कमी के कारण कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे छात्र-छात्राओं और अभिभावकों में नाराजगी देखने को मिल रही है।
जानकारी के अनुसार, कई विद्यालयों में शिक्षक सीमित संसाधनों के सहारे पढ़ाई कराने को मजबूर हैं। समय पर किताबें उपलब्ध कराने के शिक्षा विभाग के दावों के बावजूद वितरण प्रक्रिया में देरी ने व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
इस मुद्दे पर कांग्रेस ने राज्य सरकार और शिक्षा विभाग को घेरा है। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों विद्यार्थी बिना किताबों के पढ़ाई करने को मजबूर हैं। उन्होंने इसे शिक्षा व्यवस्था की गंभीर विफलता बताते हुए तत्काल सभी स्कूलों में पाठ्यपुस्तकों के वितरण की मांग की है।
वहीं पाठ्य पुस्तक निगम का कहना है कि कागज की गुणवत्ता को लेकर शिकायतें मिलने के बाद टेंडर प्रक्रिया दोबारा करनी पड़ी, जिसके चलते वितरण में देरी हुई। विभाग ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही सभी स्कूलों में किताबें पहुंचा दी जाएंगी।