नारायणपुर। उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने कहा है कि नक्सलवाद से मुक्त हो रहे बस्तर के नव निर्माण में समाज की सक्रिय भागीदारी सबसे महत्वपूर्ण है। वे आज नारायणपुर जिला पंचायत सभाकक्ष में आयोजित सर्व आदिवासी समाज प्रमुखों की बैठक को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने कहा कि विकास, सामाजिक समरसता, सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों के संवर्धन के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि बस्तर के विकास की जिम्मेदारी अब स्थानीय युवाओं के मजबूत कंधों पर है और सरकार जल, जंगल और जमीन के संरक्षण के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
श्री शर्मा ने कहा कि नक्सलवाद के समाप्त होने के बाद कुछ लोग जंगलों की कटाई और बड़े उद्योगों को लेकर भ्रम फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने समाज प्रमुखों से ऐसे भ्रामक प्रचार से सतर्क रहने और लोगों को सही जानकारी देने की अपील की।
बैठक में उन्होंने सामाजिक एकता पर जोर देते हुए कहा कि आदिवासी परंपरा का पालन करने वाले और उससे अलग हो चुके लोगों के बीच अनावश्यक द्वंद समाज हित में नहीं है। समाज प्रमुखों को आगे आकर आपसी वैमनस्य समाप्त करने और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने की जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
उप मुख्यमंत्री ने देवस्थलों और सामाजिक स्थलों के राजस्व अभिलेखों में चिन्हांकन को आवश्यक बताते हुए कहा कि इनका संरक्षण सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करता है। उन्होंने नारायणपुर में समिति बनाकर सभी स्थलों का चिन्हांकन जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
बैठक के दौरान गढ़िया बाबा देवस्थल के संरक्षण की मांग पर उन्होंने तत्काल बाउंड्री वॉल, नलकूप और सोलर लाइट की व्यवस्था के निर्देश अधिकारियों को दिए।
वन संरक्षण पर जोर देते हुए श्री शर्मा ने कहा कि वैज्ञानिक तरीके से लघु वनोपजों का संग्रहण और उपयोग किया जाए तो इससे पर्यावरण सुरक्षित रहेगा और ग्रामीणों की आय भी बढ़ेगी। उन्होंने गांव-गांव जनजागरूकता अभियान चलाने पर बल दिया।
उन्होंने जैविक खेती को बढ़ावा देने की आवश्यकता बताते हुए कहा कि इससे स्वास्थ्य बेहतर होगा, भूमि की उर्वरता बनी रहेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी। साथ ही उन्होंने बस्तर में सहकारी दुग्ध उत्पादन और अबूझमाड़ के युवाओं को पर्वतीय कृषि तकनीक सीखने के लिए शैक्षणिक भ्रमण कराने का सुझाव दिया।
इसके अलावा उन्होंने अबूझमाड़ क्षेत्रों में होम स्टे और पर्यटन विकास को बढ़ावा देने की बात भी कही, जिससे ग्रामीणों को स्थायी आय के नए अवसर मिल सकें।
बैठक में समाज प्रमुखों ने विभिन्न सामाजिक, सांस्कृतिक और विकास संबंधी मुद्दे रखे, जिन्हें उप मुख्यमंत्री ने गंभीरता से सुनते हुए त्वरित समाधान के निर्देश दिए।
इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी तथा सर्व आदिवासी समाज के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।