इस्लामाबाद। पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ अपने हालिया बयान को लेकर बड़े विवाद में घिर गए हैं। पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) पर दिए गए बयान के बाद उनके खिलाफ न सिर्फ राजनीतिक हलकों में नाराजगी बढ़ी है, बल्कि स्थानीय नेतृत्व और विपक्ष ने भी कड़ी आलोचना की है।
विवाद उस समय शुरू हुआ जब ख्वाजा आसिफ ने एक टीवी इंटरव्यू में कहा कि PoK के कुछ इलाकों के लोग “असल कश्मीरी नहीं हैं।” इस बयान के बाद PoK में राजनीतिक तनाव और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए।
PoK नेतृत्व का पलटवार
PoK के प्रधानमंत्री फैसल मुमताज राठौर ने आसिफ के बयान को विभाजनकारी बताते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के लोगों को अपनी पहचान साबित करने के लिए किसी की मंजूरी की जरूरत नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसे बयान क्षेत्र में तनाव बढ़ाते हैं और सामाजिक एकता को नुकसान पहुंचाते हैं।
माफी से साफ इनकार
बढ़ते विवाद के बावजूद ख्वाजा आसिफ ने अपने बयान पर माफी मांगने से इनकार कर दिया है। उन्होंने कहा कि वह अपने शब्दों पर कायम हैं और पीछे नहीं हटेंगे।
PoK में तनाव और विरोध
रिपोर्ट्स के अनुसार, PoK में पिछले कई दिनों से विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जहां लोग पाकिस्तान सरकार और सेना के खिलाफ भी नारेबाजी कर रहे हैं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन की ओर से सख्त कदम उठाए जाने की खबरें भी सामने आई हैं।
फिलहाल इस विवाद ने पाकिस्तान की आंतरिक राजनीति और PoK की स्थिति को और अधिक संवेदनशील बना दिया है।