ढाका। बांग्लादेश की संसद में भारत से जुड़े एक बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा छेड़ दी है। सत्तारूढ़ BNP के सांसद जीएम सिराज ने बजट चर्चा के दौरान भारत सरकार से पश्चिम बंगाल के नेता Suvendu Adhikari के बयानों पर रोक लगाने की मांग की।
संसद में उठा भारत-बांग्लादेश संबंधों का मुद्दा
सांसद जीएम सिराज ने स्पीकर के माध्यम से कहा कि शुभेंदु अधिकारी द्वारा दिए गए बयान दोनों देशों के बीच मैत्रीपूर्ण संबंधों को प्रभावित कर रहे हैं। उन्होंने भारत सरकार से आग्रह किया कि ऐसे बयानों को नियंत्रित किया जाए।
‘पड़ोसियों के बीच संबंध खत्म नहीं हो सकते’
अपने संबोधन में सिराज ने भारत-बांग्लादेश रिश्तों पर जोर देते हुए कहा कि पड़ोसी देशों के बीच संबंध हमेशा बने रहते हैं, चाहे अन्य रिश्ते किसी भी स्थिति में पहुंच जाएं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों को संवाद और सहयोग के रास्ते पर आगे बढ़ना चाहिए।
शेख हसीना पर टिप्पणी
सांसद ने पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina का भी जिक्र किया और कहा कि वह अब बांग्लादेश की राजनीति में केंद्रीय भूमिका में नहीं हैं।
सीमा विवाद और ‘पुश-इन’ का मुद्दा
जीएम सिराज ने भारत-बांग्लादेश सीमा पर कथित ‘पुश-इन’ मामलों का भी मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि भारत से लोगों को जबरन बांग्लादेश भेजा जा रहा है, जिसे रोकने की जरूरत है।
भारत-बांग्लादेश तनाव की पृष्ठभूमि
हाल के समय में भारत और बांग्लादेश के बीच सीमा सुरक्षा और अवैध घुसपैठ जैसे मुद्दों को लेकर मतभेद सामने आए हैं। भारत की ओर से अवैध रूप से रह रहे लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, जबकि बांग्लादेश इसे लेकर आपत्ति जताता रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे बयान दोनों देशों के बीच कूटनीतिक संवाद को और अधिक संवेदनशील बना सकते हैं, हालांकि दोनों पक्ष अब भी रिश्तों को स्थिर रखने पर जोर दे रहे हैं।