नई दिल्ली। नक्सलवाद के खिलाफ समय-सीमा आधारित रणनीति के बाद अब केंद्र सरकार अवैध घुसपैठ पर भी सख्त रुख अपनाने की तैयारी में है। सूत्रों के मुताबिक, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह देश में अवैध घुसपैठ को खत्म करने के लिए एक निश्चित ‘डेडलाइन’ तय करने पर विचार कर रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, सरकार का मानना है कि तय समय-सीमा के तहत सभी राज्यों और सुरक्षा एजेंसियों को समन्वय के साथ मिशन मोड में काम करने से घुसपैठ पर प्रभावी नियंत्रण संभव होगा। इससे पहले नक्सलवाद के खात्मे के लिए भी एक समय-सीमा तय की गई थी, जिसके बाद सुरक्षा एजेंसियों ने बड़ी सफलता का दावा किया था।
नई रणनीति के तहत सीमा सुरक्षा को और मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। पाकिस्तान और बांग्लादेश से लगी सीमाओं पर अत्याधुनिक तकनीक जैसे थर्मल कैमरे, सेंसर, रडार और ड्रोन की तैनाती बढ़ाई जा रही है। इसके साथ ही बाड़बंदी और अवैध निर्माणों को हटाने की कार्रवाई भी तेज की गई है।
सूत्रों के अनुसार, सीमा के 15 किलोमीटर के दायरे में अवैध निर्माण और अतिक्रमण की पहचान कर उन्हें हटाने के निर्देश दिए गए हैं। इसके लिए एक उच्च स्तरीय डेमोग्राफी मिशन भी सक्रिय किया गया है, जो जनसांख्यिकीय बदलावों की निगरानी कर रहा है।
सरकार की योजना ‘डिटेक्ट, डिटेन और डिपोर्ट’ मॉडल के तहत काम करने की है, जिसमें अवैध रूप से रह रहे लोगों की पहचान कर उन्हें हिरासत में लेकर वापस भेजने की प्रक्रिया शामिल है। इस दिशा में विभिन्न राज्यों के साथ समन्वय भी बढ़ाया जा रहा है।