बालोद | छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में रहने वाले पर्यावरण प्रेमी भोज साहू ने पर्यावरण संरक्षण को एक जनआंदोलन का रूप देने के लिए एक अनोखी मुहिम शुरू की है। वे डाक के माध्यम से लोगों को पेड़ लगाने के लिए बीज भेज रहे हैं और इस अभियान से मुख्यमंत्री, राज्यपाल सहित सैकड़ों लोगों को जोड़ चुके हैं।
डाक के जरिए पहुंच रहा हरियाली का संदेश
भोज साहू का उद्देश्य लोगों को अधिक से अधिक वृक्षारोपण के लिए प्रेरित करना है। इसके लिए वे विभिन्न उपयोगी वृक्षों के बीज डाक द्वारा भेजते हैं, ताकि लोग अपने आसपास पौधारोपण कर सकें। सोशल मीडिया के माध्यम से भी वे लगातार लोगों से जुड़कर बीज उपलब्ध करा रहे हैं।
18 वर्षों से पर्यावरण सेवा में सक्रिय
पेशे से रेडियोग्राफर भोज साहू पिछले 18 वर्षों से पर्यावरण और जल संरक्षण के क्षेत्र में सक्रिय हैं। नौकरी के बाद का पूरा समय वे वृक्षारोपण और जल संरक्षण अभियानों को समर्पित करते हैं। अब तक वे हजारों पौधे लगा चुके हैं और लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर रहे हैं।
जल संरक्षण में भी अहम योगदान
डोंगरगांव क्षेत्र में उन्होंने जनसहयोग से लगभग 30 कुओं की सफाई और सौंदर्यीकरण का कार्य कराया है। जल संरक्षण के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए उन्हें नई दिल्ली में “जल प्रहरी सम्मान” से सम्मानित किया जा चुका है।
6 किलोमीटर लंबा ‘नीम कॉरिडोर’
भोज साहू ने अपने गांव देवरी (द) से खुरसुनी तक लगभग 6 किलोमीटर सड़क के दोनों ओर नीम के पौधे लगाकर एक “नीम कॉरिडोर” तैयार किया है, जो अब क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण का उदाहरण बन चुका है।
परिवार भी जुड़ा अभियान से
इस मुहिम में उनका 8 वर्षीय बेटा भी सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है। वह पौधारोपण से लेकर जागरूकता वीडियो बनाने तक पिता के साथ काम करता है और लोगों को पर्यावरण बचाने का संदेश देता है।
निष्कर्ष
भोज साहू की यह पहल दिखाती है कि व्यक्तिगत प्रयास भी बड़े जनआंदोलन का रूप ले सकते हैं। उनका संदेश है—यदि हर व्यक्ति प्रकृति के लिए थोड़ा योगदान दे, तो पर्यावरण संरक्षण संभव है।