मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक: टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान तेज करने और मातृ-शिशु स्वास्थ्य सुधार के निर्देश

रायपुर । मुख्य सचिव श्री विकासशील ने मंत्रालय महानदी भवन में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत संचालित टीबी मुक्त छत्तीसगढ़ अभियान, राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम और प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और प्रभावी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए गए।

टीबी उन्मूलन पर विशेष जोर

मुख्य सचिव ने कहा कि टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत छत्तीसगढ़ में व्यापक स्तर पर जांच शिविर लगाए जाएं ताकि मरीजों की समय पर पहचान हो सके। उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक गांव और शहर में विशेष अभियान चलाकर जांच और उपचार सुनिश्चित किया जाए।

उन्होंने यह भी कहा कि जांच के लिए आवश्यक उपकरण, एक्स-रे मशीन और रेडियोग्राफरों की उपलब्धता हर हाल में सुनिश्चित की जाए तथा मरीजों का तुरंत उपचार शुरू हो।

मरीजों को पोषण सहायता और जागरूकता

श्री विकासशील ने निर्देश दिया कि टीबी मरीजों को पोषण आहार एवं सहायता राशि समय पर उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने यह भी कहा कि टीबी मुक्त घोषित गांवों की जानकारी ग्राम सभाओं में सार्वजनिक रूप से साझा की जाए ताकि लोगों में जागरूकता बढ़े।

मातृत्व और बाल स्वास्थ्य पर फोकस

प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान की समीक्षा के दौरान मुख्य सचिव ने गर्भवती महिलाओं की घर-घर जाकर जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बीपी, वजन और हीमोग्लोबिन की नियमित जांच हो तथा जरूरत पड़ने पर महिलाओं को रेफरल यूनिट (FRU) में भेजा जाए।

बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के तहत उन्होंने आंगनबाड़ी और स्कूलों में बच्चों की अनिवार्य स्क्रीनिंग के निर्देश दिए। बीमार पाए गए बच्चों को बेहतर उपचार के लिए बड़े अस्पतालों में रेफर करने और उनकी लगातार ट्रैकिंग सुनिश्चित करने को कहा।

टीकाकरण और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने सभी शिशुओं के नियमित टीकाकरण और बच्चों के स्वास्थ्य की सतत मॉनिटरिंग पर जोर दिया। बैठक में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के अधिकारियों ने राज्य में चल रहे स्वास्थ्य कार्यक्रमों की प्रगति की जानकारी प्रस्तुत की।

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