नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के बिजली उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। पावर परचेज एडजस्टमेंट चार्ज (PPAC) में बढ़ोतरी के बावजूद अधिकांश उपभोक्ताओं पर इसका बड़ा असर नहीं पड़ेगा, खासकर उन उपभोक्ताओं पर जो बिजली सब्सिडी योजना के तहत लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
ऊर्जा मंत्री आशीष सूद ने बताया कि दिल्ली के लगभग 74 लाख बिजली उपभोक्ताओं में से करीब 43.7 प्रतिशत उपभोक्ता सब्सिडी या आंशिक सब्सिडी के दायरे में आते हैं, जिन पर PPAC बढ़ोतरी का प्रभाव बेहद सीमित रहेगा।
सरकार के अनुसार, 200 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं को 100 प्रतिशत सब्सिडी मिलती है, जबकि सीमा पार करने पर भी उन्हें 50 प्रतिशत तक राहत दी जाती है। इस वजह से बड़ी आबादी के बिजली बिलों पर बढ़े हुए चार्ज का लगभग कोई असर नहीं होगा।
हालांकि, 400 यूनिट से अधिक खपत करने वाले उपभोक्ताओं पर इसका आंशिक असर देखने को मिल सकता है, लेकिन सरकार का दावा है कि उनके बिलों में अधिकतम 2.5 प्रतिशत तक ही वृद्धि होगी।
वहीं, वितरण कंपनियों ने बढ़ी हुई लागत का हवाला देते हुए दिल्ली विद्युत नियामक आयोग (DERC) से 31 प्रतिशत तक PPAC बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन आयोग ने केवल 2.4 प्रतिशत की वृद्धि को मंजूरी दी।
आंकड़ों के अनुसार, लगभग 32.34 लाख घरेलू उपभोक्ता पूरी या आंशिक सब्सिडी का लाभ ले रहे हैं, जिससे उनके बिलों पर इसका प्रभाव नगण्य रहेगा। दूसरी ओर, कमर्शियल और इंडस्ट्रियल उपभोक्ताओं पर इसका अपेक्षाकृत अधिक असर देखने को मिल सकता है।
इस निर्णय से स्पष्ट है कि फिलहाल राजधानी के आम घरेलू उपभोक्ताओं को बिजली दरों में बड़ी राहत मिलती रहेगी।